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केंद्रीय आयुष मंत्री से मिले डॉ मुकेश महालिंग
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भुवनेश्वर के निकट 100 एकड़ भूमि चिह्नित करने का प्रस्ताव
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पूर्वी भारत में आयुर्वेद शिक्षा, शोध और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मजबूत दावेदारी पेश की है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव सौंपा। उन्होंने कहा कि ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को देखते हुए राज्य में राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक के दौरान डॉ महालिंग ने बताया कि आयुष पद्धतियां ओडिशा की प्राचीन उपचार परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही हैं, जो निवारक स्वास्थ्य सेवा, समग्र स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा निर्धारित सभी मानकों और आवश्यक शर्तों को पूरा करते हुए विस्तृत प्रस्ताव पहले ही आयुष मंत्रालय को भेज दिया है।
केंद्रीय बजट में तीन नए परिसर स्थापित करने की घोषणा
गौरतलब है कि केंद्रीय बजट में आयुष मंत्रालय ने चैलेंज पद्धति के तहत देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान परिसर स्थापित करने की घोषणा की है। इसी क्रम में ओडिशा ने भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।
राज्य सरकार ने प्रस्ताव के तहत भुवनेश्वर के निकट लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित करने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित स्थल सड़क, रेल और हवाई संपर्क की उत्कृष्ट सुविधा से युक्त है, जिससे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना के लिए इसे उपयुक्त माना जा रहा है।
प्रतिष्ठित संस्थान के लिए ओडिशा सबसे उपयुक्त राज्य
डॉ महालिंग ने कहा कि पूर्वी भारत में रणनीतिक स्थिति, बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना, तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक वातावरण और उत्कृष्ट संपर्क व्यवस्था के कारण ओडिशा इस प्रतिष्ठित संस्थान के लिए सबसे उपयुक्त राज्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूर्वी और मध्य भारत में कोई भी राष्ट्रीय स्तर का आयुष संस्थान नहीं है, ऐसे में ओडिशा में एआईआईए की स्थापना से न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वी और मध्य भारत की बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा।
प्रस्तावित संस्थान को आयुर्वेद शिक्षा, उन्नत चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाओं का विस्तार होगा और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकेगा।
मुकेश महालिंग ने सकारात्मक उम्मीद जताई
डॉ मुकेश महालिंग ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार ओडिशा के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए राज्य को नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की सौगात देगी। उन्होंने कहा कि इससे ओडिशा देश में पारंपरिक चिकित्सा और आयुष क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा तथा समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।
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