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1930 हेल्पलाइन पर शिकायतों के बाद कार्रवाई, साइबर ठग सस्ते होटल और वीआईपी दर्शन के नाम पर लगा रहे थे चूना
भुवनेश्वर। आगामी रथयात्रा को देखते हुए ओडिशा क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक सप्ताह में फर्जी होटल बुकिंग से जुड़ी 50 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई 1930 साइबर हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई। रथयात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए होटल संचालकों, सरकारी विभागों और पुलिस ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया है।
सस्ते होटल और वीआईपी दर्शन का झांसा देकर हो रही थी ठगी
जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी प्रतिष्ठित होटलों और होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म की हूबहू नकली वेबसाइटें तैयार कर उन्हें इंटरनेट सर्च में प्रमुखता से प्रदर्शित कर रहे थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सस्ते कमरों, आकर्षक पैकेजों और वीआईपी दर्शन की सुविधा का लालच दिया जाता था। बुकिंग के नाम पर उनसे डिजिटल वॉलेट या यूपीआई के जरिए पूरी राशि अग्रिम जमा कराई जाती थी, जिसके बाद ठग उनसे संपर्क तोड़ देते थे।
एक वर्ष में लाखों रुपये की ठगी, हाल में चार श्रद्धालु बने शिकार
जानकारी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में कम से कम 30 पर्यटक फर्जी ऑनलाइन होटल बुकिंग के माध्यम से लगभग पांच लाख रुपये की ठगी का शिकार हो चुके हैं। वहीं पिछले दो सप्ताह के दौरान चार श्रद्धालुओं से करीब 35 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। रथयात्रा के दौरान होटलों की बढ़ती मांग को देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ठगी के मामलों में और तेजी आ सकती है।
साइबर पेट्रोलिंग तेज, श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के बाद पूरे राज्य में साइबर पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया गया है। पुलिस ने रथयात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि होटल बुकिंग केवल अधिकृत और विश्वसनीय माध्यमों से ही करें, किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर भुगतान करने से बचें तथा किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की आशंका होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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