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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन विभाग की घोषणा
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400 विद्युत वाहन और विशेष बस अनुमति की व्यवस्था
भुवनेश्वर। विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओडिशा परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। इस वर्ष रथयात्रा और बाहुड़ा यात्रा के अवसर पर पुरी जिले के पिपिलि टोल प्लाजा पर कारों, यात्री बसों तथा अन्य निजी एवं व्यावसायिक वाहनों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
राज्य के परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुंडिचा यात्रा और बाहुड़ा यात्रा के दिन पिपिलि टोल प्लाजा पर सभी श्रेणी के वाहनों को टोल शुल्क से छूट रहेगी।
इस संबंध में गुरुवार को भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही, विशेष बस अनुमति, यात्री सुविधाओं तथा यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि रथयात्रा और बाहुड़ा यात्रा के दौरान लोगों की सुविधा के लिए विशेष बस अनुमति जारी की जाएगी। इसके लिए भुवनेश्वर, कटक और पुरी के प्रमुख बस अड्डों पर सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भुवनेश्वर के बरमुण्डा और कल्पना बस स्टैंड, कटक के नेताजी बस टर्मिनल तथा पुरी के तालबनिया और मालतीपाटपुर में ये केंद्र कार्य करेंगे। विशेष अनुमति पत्र सात दिनों के लिए वैध होंगे।
श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से सीधे बड़दांडा तक पहुंचाने के लिए लगभग 400 विद्युत वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। ये वाहन लगातार सेवा प्रदान करेंगे ताकि लोगों को पैदल लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए बरमुण्डा बस स्टैंड, कटक के नेताजी बस टर्मिनल और पुरी के तालबनिया बस स्टैंड सहित प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां आवश्यक दवाइयों और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध रहेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख यात्रा मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। वहीं, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लगभग 30 रिकवरी वाहनों को महत्वपूर्ण चौराहों पर तैनात किया जाएगा, ताकि खराब हुए वाहनों को तुरंत हटाया जा सके।
परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को प्राथमिक उपचार किट, ओआरएस पैकेट और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 24 घंटे नियंत्रण कक्ष, यात्री सहायता केंद्र तथा चालकों और सहायक कर्मचारियों के लिए विश्राम गृह भी संचालित किए जाएंगे।
आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर भारी क्षमता वाली क्रेन और एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। दुर्घटना या अन्य आपदा से प्रभावित लोगों को राज्य सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवहन विभाग का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से रथयात्रा के दौरान पुरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक होगी।
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