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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया शोक
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परिजनों को 4-4 लाख रुपये सहायता
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राहत एवं सहायता के लिए ओडिशा सरकार की उच्चस्तरीय टीम चेन्नई पहुंची
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तीन मृतक केंद्रुझर जिले के रहने वाले
भुवनेश्वर/चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्यात इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की दर्दनाक घटना में ओडिशा के पांच प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक घायल हो गए हैं। ओडिशा सरकार ने घटना की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
मृतकों की पहचान जिमानी जिवांग (19), गीता जिवांग, भूमिया जिवांग (22), सिबानी (22) और फूलमणि जुआंग के रूप में हुई है। इनमें से तीन मृतक केंद्रुझर जिले के रहने वाले बताए गए हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शेष मृतकों के संबंध में सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
ओडिशा के श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार सतर्क हो गई थी और घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए तमिलनाडु प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
ईएसआई विभाग के विशेष सचिव के नेतृत्व में टीम पहुंची
मंत्री ने बताया कि श्रम एवं ईएसआई विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाला के नेतृत्व में राज्य सरकार की एक टीम चेन्नई पहुंच चुकी है, जो राहत एवं सहायता कार्यों का समन्वय कर रही है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया।
सिंहखुंटिया ने कहा कि हमें उम्मीद है कि जांच के बाद जिन लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषित की अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के निकटतम परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओडिशा सरकार तिरुवल्लुर जिला प्रशासन और तमिलनाडु सरकार के साथ लगातार संपर्क में है तथा बचाव, उपचार और राहत उपायों की निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव अनु गर्ग ने भी तमिलनाडु के अपने समकक्ष से बातचीत कर प्रभावित ओड़िया श्रमिकों के समुचित उपचार और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
पोस्टमार्टम और राहत कार्यों की निगरानी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, तिरुवल्लुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दो शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है, जबकि एक अन्य मृतक का पोस्टमार्टम वहीं कराया जा रहा था। एक अन्य शव का पोस्टमार्टम राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल अस्पताल में कराया जा रहा था, जबकि एक शव का पोस्टमार्टम स्टेनली अस्पताल में पूरा हो चुका है। सभी कानूनी और चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
अतिरिक्त श्रम आयुक्त प्रक्रियाओं का समन्वय करेंगे
राज्य सरकार की टीम के सदस्य एवं अतिरिक्त श्रम आयुक्त मदन मोहन पाइक चेन्नई में रहकर अस्पताल प्रशासन के साथ पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का समन्वय करेंगे। वहीं विशेष सचिव राजेश अग्रवाला और टीम के दूसरे सदस्य भक्त बंधु आचार्य तिरुवल्लुर पहुंचकर अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति का जायजा लेंगे।
130 श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया गया
अधिकारियों के अनुसार, हादसे से प्रभावित लगभग 130 श्रमिकों को तिरुवल्लुर के निकट एक सामुदायिक भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। उनके लिए भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
कंपनी परिसर में थे करीब 120 प्रवासी श्रमिक
यह हादसा तिरुवल्लुर जिले के पेरियापालयम के निकट कन्निगाइपैर क्षेत्र स्थित सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में हुआ। पुलिस के अनुसार, कंपनी परिसर में असम, ओडिशा और झारखंड के करीब 120 प्रवासी श्रमिक, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, रह रहे थे।
समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई से अमोनिया गैस का रिसाव
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ, जो पूरे परिसर में फैल गया। गैस की चपेट में आने से कई श्रमिकों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जबकि कुछ के मुंह और नाक से रक्तस्राव भी हुआ। सभी प्रभावितों को तत्काल आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक शामिल हैं।
24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा गैस रिसाव के प्रभाव का आकलन करने, क्षेत्र को सुरक्षित बनाने और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए गैस डिटेक्शन उपकरणों, व्यक्तिगत सुरक्षा किट और विशेष बचाव उपकरणों से लैस 30 सदस्यीय दल को तैनात किया गया है। पेरियापालयम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की विस्तृत जांच जारी है।
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