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मृतका का आंकड़ा बढ़कर छह हुआ
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मृतकों के परिजनों को मिलेगा 10-10 लाख रुपये का मुआवजा
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तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव से मची थी अफरा-तफरी
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64 श्रमिक हुए प्रभावित
भुवनेश्वर/चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृत ओड़िया श्रमिकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। केंदुझर जिले की जमुनी जुआंग ने उपचार के दौरान तिरुवल्लूर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह जहरीली अमोनिया गैस के संपर्क में आने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
इससे पहले इस हादसे में ओडिशा की गुमानी जुआंग, गीता जुआंग, चंपाबती जुआंग, शिवानी जुआंग और फुलोमानी जुआंग की मौत हो चुकी थी। सभी मृतक ओड़िया श्रमिक तमिलनाडु में कार्यरत थे।
समुद्री खाद्य प्रसंस्करण कारखाने में हुआ था गैस रिसाव
यह दुखद घटना रविवार को तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के निकट कन्निगापैर गांव स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण कारखाने में हुई। बताया गया कि कारखाने की शीतलन अथवा प्रसंस्करण प्रणाली से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया, जिसके बाद जहरीली गैस तेजी से पूरे परिसर में फैल गई।
गैस के प्रभाव से श्रमिकों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और कारखाने के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई श्रमिकों को चक्कर आने, आंखों और श्वसन तंत्र में जलन की शिकायत हुई, जबकि कुछ श्रमिक बेहोश होकर गिर पड़े।
120 प्रवासी श्रमिक थे मौजूद, 64 हुए प्रभावित
घटना के समय कारखाने में ओडिशा, असम और झारखंड के लगभग 120 प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 64 श्रमिक इस गैस रिसाव से प्रभावित हुए। इनमें से कई को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
सहायता और राहत के लिए तमिलनाडु पहुंची ओडिशा सरकार की टीम
हादसे के बाद ओडिशा सरकार ने प्रभावित श्रमिकों की सहायता और राहत कार्यों के समन्वय के लिए तीन सदस्यीय टीम को तमिलनाडु भेजा है। यह टीम अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों की स्थिति की निगरानी करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बढ़ाई सहायता राशि
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृत श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पहले मृतक श्रमिकों के निकटतम परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने इस सहायता राशि को बढ़ाकर 10-10 लाख रुपये करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिजनों को सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमोनिया गैस रिसाव के कारणों की जांच जारी है और संबंधित अधिकारी मामले की विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को भी हरसंभव मदद दी जा रही है।
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