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तमिलनाडु गैस रिसाव हादसे के बाद ओडिशा में सतर्क

  •     समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर सुरक्षा सख्ती

  •     सभी मरीन फूड प्रोसेसिंग कारखानों की तत्काल जांच के निर्देश

  •     एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट

भुवनेश्वर। तमिलनाडु में समुद्री खाद्य प्रसंस्करण कारखाने में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे के बाद ओडिशा सरकार ने राज्य की सभी समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे में लगभग 67 श्रमिक प्रभावित हुए थे, जिनमें कई ओड़िया श्रमिक भी शामिल थे।

घटना के बाद ओडिशा के कारखाना एवं बॉयलर निदेशालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राज्यभर में संचालित सभी मरीन फूड प्रोसेसिंग इकाइयों का व्यापक सुरक्षा निरीक्षण कराने का निर्देश जारी किया है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी दुर्घटना को रोका जा सके।

तमिलनाडु की घटना के बाद जारी हुआ आदेश

निदेशालय द्वारा जारी निर्देश 21 जून को तमिलनाडु स्थित सेंट पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट कंपनी में हुए अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद जारी किया गया है। कारखाने की शीतलन प्रणाली से गैस रिसाव होने के कारण दर्जनों श्रमिकों को चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी थी। प्रभावित कर्मचारियों में ओडिशा के श्रमिकों के शामिल होने से भुवनेश्वर में भी चिंता बढ़ गई।

प्रत्येक निरीक्षण दल में होंगे कम से कम दो अधिकारी

आधिकारिक पत्र के अनुसार, सभी संभागीय उप निदेशकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक निरीक्षण दल में कम से कम दो अधिकारियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है, ताकि जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी, विस्तृत और जवाबदेह हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था की होगी गहन समीक्षा

निदेशालय ने निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इनमें कारखानों में पहले से मौजूद सुरक्षा प्रणालियों की जांच, सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान, अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता का आकलन तथा आवश्यक सुधारों को लागू करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करना शामिल है।

इसके अलावा, उन इकाइयों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां बड़ी मात्रा में अमोनिया का उपयोग किया जाता है। ऐसे कारखानों को अधिक संवेदनशील मानते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जाएगी।

एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी रिपोर्ट

निदेशालय ने सभी निरीक्षण टीमों को निर्देश दिया है कि वे अपनी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। जिन कारखानों में सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।

श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की घटना के बाद उठाया गया एक आपात और अनिवार्य कदम है। राज्य सरकार समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तटीय औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ेगी गतिविधियां

रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा सात दिन निर्धारित किए जाने के कारण आने वाले सप्ताह में ओडिशा के विभिन्न तटीय औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा जांच गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। निरीक्षण दल विभिन्न इकाइयों का दौरा कर सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेंगे और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

यह पहल ओडिशा के तेजी से विकसित हो रहे समुद्री खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां औद्योगिक शीतलन और भंडारण के लिए अमोनिया का व्यापक उपयोग किया जाता है।

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