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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर नरेश अग्रवाल ने बताया स्वस्थ जीवन का सूत्र
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योग शारीरिक ही नहीं, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम : मुनिश्री मोहजीत कुमार
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योग, प्राणायाम और संतुलित आहार से कई रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन संभव
भुवनेश्व। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तेरापंथ भवन, कटक-पुरी रोड, भुवनेश्वर में “योग एवं आहार द्वारा रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कायसुखम, कैट भुवनेश्वर, मारवाड़ी युवा मंच एवं तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ नरेश कुमार अग्रवाल ने किया।
अपने संबोधन में नरेश अग्रवाल ने कहा कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि शरीर की मूलभूत प्रणालियों को सही ढंग से कार्य करने योग्य बनाया जाए तो अनेक रोगों से बचाव और उनका प्रभावी प्रबंधन संभव है। उन्होंने बताया कि योगासन, प्राणायाम एवं संतुलित आहार के माध्यम से उन्होंने अनेक लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में सहायता की है।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शरीर की तीन प्रमुख प्रणालियों, पाचन तंत्र, रक्त परिसंचरण तंत्र और श्वसन तंत्र, का संतुलित एवं सुदृढ़ होना आवश्यक है। उनके अनुसार उचित आहार और भोजन पद्धति से पाचन तंत्र, योगासनों से रक्त परिसंचरण तंत्र तथा प्राणायाम से श्वसन तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। जब ये तीनों प्रणालियां सुचारु रूप से कार्य करती हैं तो शरीर की अन्य सभी प्रणालियां भी बेहतर ढंग से कार्य करने लगती हैं, जिससे जीवनशैली जनित रोगों और दीर्घकालिक बीमारियों की रोकथाम एवं प्रबंधन आसान हो जाता है।
कार्यशाला में व्यापारिक समुदाय के सदस्यों, योग प्रेमियों, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों तथा कैट भुवनेश्वर के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने योग एवं आहार पर आधारित स्वास्थ्य संरक्षण के इस व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की।
विभिन्न योग क्रियाओं का प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान नरेश अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योग क्रियाओं का प्रशिक्षण भी दिया तथा नियमित योग अभ्यास को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताया।
योग मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रभावी साधन : मुनिश्री
कार्यक्रम मुनिश्री मोहजीत कुमार जी आदि ठाणा 3 के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रभावी साधन है। उन्होंने उपस्थित जनों को प्रेक्षा ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया तथा नियमित योग और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम का शुभारंभ सभा मंत्री वीरेंद्र बेताला के स्वागत भाषण से हुआ। अंत में तेरापंथ युवक परिषद्, भुवनेश्वर के अध्यक्ष जितेंद्र बैद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच एवं तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा योग प्रशिक्षक नरेश कुमार अग्रवाल का सम्मान भी किया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया।
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