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ओडिशा में तेज होंगी मानसून की गतिविधियां
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राज्यभर में व्यापक वर्षा की संभावना
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गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
भुवनेश्वर। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि वर्ष 2026 के मानसून सीजन का पहला निम्न दबाव क्षेत्र 24 से 25 जून के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट के पास बन सकता है। इसके प्रभाव से राज्य में मानसून सक्रिय होने के साथ व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
मौसम मॉडल के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण या निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रणाली दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को मजबूत करेगी, वर्षा के दायरे का विस्तार करेगी तथा मानसून की प्रगति को मध्य भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
मानसून 20 से अधिक जिलों में पहुंचा
हालांकि मानसून ओडिशा के 20 से अधिक जिलों में प्रवेश कर चुका है, फिर भी राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस बनी हुई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 21 जून से पहले राज्य में उल्लेखनीय वर्षा की संभावना कम है, जिसके कारण लोगों को अभी कुछ दिनों तक गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
मानसून की कमजोर पड़ चुकी गतिविधियां होंगी मजबूत
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी से वास्तविक राहत निम्न दबाव क्षेत्र बनने के बाद ही मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि यह प्रणाली मानसून की कमजोर पड़ चुकी गतिविधियों को फिर से सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वर्षा से जल संकट की स्थिति में सुधार होगा
संभावित वर्षा से जल संकट की स्थिति में सुधार होगा और किसानों को कृषि कार्यों के लिए भी पर्याप्त सहायता मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह में राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है।
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