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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की दो साल की उपलब्धियों की पुस्तिका जारी
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डिजिटलीकरण और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
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जनसेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध – पुजारी
भुवनेश्वर। ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि इस वर्ष संभावित एल-नीनो के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह बात उन्होंने लोक सेवा भवन में विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका और वीडियो के विमोचन के दौरान कही।
इस अवसर पर मंत्री ने विभाग के तहसील स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में विभाग ने जनसेवा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर विभाग आने वाले समय में भी नागरिकों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएगा तथा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ओडिशा की तैयारियों को और मजबूत बनाएगा।
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने लोक सेवा भवन में विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका और वीडियो का विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने तहसील स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में विभाग जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ की थीम “विकास की धारा, ओडिशा सारा” के अनुरूप तैयार की गई इस पुस्तिका में विभाग की सुधारोन्मुखी पहल, नागरिक-केंद्रित कार्यक्रमों, उनकी सफल क्रियान्वयन प्रक्रिया और भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तिका में दर्ज प्रमुख उपलब्धियों में रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) के कॉलम-दो में त्रुटियों का सुधार, ओडिशा राइट टू पब्लिक सर्विसेज एक्ट (ओआरटीपीएस) के तहत 2.5 करोड़ से अधिक राजस्व सेवाओं का वितरण, भूमि वर्गीकरण संबंधी समस्याओं में कमी, श्रीजगन्नाथ महाप्रभु भूमि प्रकोष्ठ की स्थापना, 108 नए उप-पंजीयक कार्यालयों का संचालन, भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण, जनगणना कार्यक्रम, आपदा मुआवजे का शीघ्र वितरण तथा चक्रवात ‘दाना’ और ‘मंथा’ का शून्य जनहानि के साथ सफल प्रबंधन शामिल हैं।
विभाग ने भविष्य की योजनाओं में ‘आम गांवरे आम तहसील’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के द्वार तक तहसील सेवाएं पहुंचाने, आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर रेजिलिएंस (एसआईडीआर) की स्थापना तथा नए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कानून सहित कई सुधारात्मक कदम जल्द लागू करने की रूपरेखा भी प्रस्तुत की है।
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि ब्रिटिश काल से प्रचलित और ओड़िया उच्चारण से मेल नहीं खाने वाले स्थानों के अंग्रेजी नामों की वर्तनी में सुधार करना भी है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में ओडिशा के 64 स्थानों के नामों की वर्तनी संशोधित करने को मंजूरी दी है।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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