-
12 जून तक की जाएगी आयोजित
भुवनेश्वर। ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से गुरु केलुचरण महापात्र ओडिशी अनुसंधान केंद्र में प्रख्यात नृत्यांगना पद्मश्री माधवी मुद्गल के निर्देशन में तीन दिवसीय ओडिशी नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 10 जून से 12 जून तक आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला में पद्मश्री माधवी मुद्गल द्वारा पद्म विभूषण गुरु केलुचरण महापात्र की रचना “ख चंपू” पर आधारित अभिनय शैली का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 से अधिक ओडिशी नृत्य कलाकार भाग ले रहे हैं।
प्रतिभागियों ने कहा कि गुरु केलुचरण महापात्र द्वारा संयोजित नृत्य संरचना को पद्मश्री माधवी मुद्गल के मार्गदर्शन में सीखना उनके लिए एक अनूठा और प्रेरणादायक अनुभव है। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में प्रख्यात नृत्यांगना सिकता दास, ओडिशी अनुसंधान केंद्र की प्रशासनिक अधिकारी शुचिस्मिता मंत्री सहित केंद्र के अन्य अधिकारी और कला जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने ओडिशी नृत्य की समृद्ध परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में इस प्रकार की कार्यशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नई पीढ़ी के कलाकारों को शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों से परिचित कराने के साथ-साथ ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
