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कांस्टेबल से घरेलू काम कराने के आरोपों की क्राइम ब्रांच करेगी पड़ताल
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एनएचआरसी में शिकायत के बाद होगी कार्रवाई
भुवनेश्वर। सौम्य हत्याकांड से जुड़े आरोपों को लेकर ओडिशा क्राइम ब्रांच ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में दायर शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मृतक कांस्टेबल सौम्य से एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के लिए घरेलू कार्य कराया जाता था।
जानकारी के अनुसार, भजमन बिस्वाल द्वारा एनएचआरसी में दायर शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच की ओर से 26 मई 2026 को कटक से एक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे एवं तटीय सुरक्षा) को मामले की विस्तृत जांच कर 30 मई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।
डीजीपी, ओडिशा की स्वीकृति से जारी इस पत्र के साथ एनएचआरसी का संदर्भ भी संलग्न किया गया था और आयोग को विस्तृत जवाब उपलब्ध कराने को कहा गया था। सूत्रों के अनुसार, सौम्य की मां ने एडीजी दयाल गंगवार पर आरोप लगाया है कि उनके पुत्र से घरेलू कार्य कराया जाता था तथा उनके प्रति दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया जाता था।
क्राइम ब्रांच की जांच का उद्देश्य इन आरोपों की सत्यता की जांच करना तथा यह पता लगाना है कि विभागीय स्तर पर किसी प्रकार का दुराचार या नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे एवं तटीय सुरक्षा विंग एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में इस जांच को आगे बढ़ाएगी।
मामले की जांच को प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट से आरोपों की वास्तविकता और कांस्टेबल सौम्य की मृत्यु से इनके संभावित संबंधों पर स्पष्टता सामने आएगी।
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