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राज्य के पहले ग्रीन हाइड्रोजन सार्वजनिक परिवहन इकोसिस्टम की प्रगति की हुई समीक्षा
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एसीएस उषा पाढ़ी ने की उच्चस्तरीय बैठक
भुवनेश्वर। स्वच्छ ऊर्जा और सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में ओडिशा ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए बुधवार को आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (क्रुट), एनटीपीसी और ग्रिडको के संयुक्त प्रयास से विकसित की जा रही यह परियोजना ओडिशा में हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने और राज्य का पहला ग्रीन हाइड्रोजन शहरी परिवहन इकोसिस्टम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह परियोजना भारत सरकार के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप है और देश के नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगी।
बैठक में एनटीपीसी, ग्रिडको और क्रुट के बीच हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई। परियोजना के तहत भुवनेश्वर स्थित क्रुट के पोखरीपुट डिपो में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन एवं रिफ्यूलिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही पायलट परियोजना के रूप में तीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।
260 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन
परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 260 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें आदर्श परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 600 किलोमीटर तक संचालित हो सकेंगी। यह पहल न केवल स्वच्छ और कुशल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराएगी, बल्कि टेलपाइप उत्सर्जन को समाप्त करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 900 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाने में भी सहायक होगी।
परियोजना की कुल अनुमानित लागत 53.55 करोड़
परियोजना की कुल अनुमानित लागत 53.55 करोड़ रुपये है। इसमें से 19.52 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वीकृत की गई है। शेष राशि विभिन्न हितधारकों के योगदान तथा राज्य सरकार के सहयोगात्मक तंत्र के माध्यम से जुटाई जाएगी।
ग्रिडको बिजली आपूर्ति और संबंधित सब्सिडी उपलब्ध कराएगी
समीक्षा बैठक में परिचालन व्यवस्था, मार्ग निर्धारण, वित्तीय व्यवहार्यता, जोखिम प्रबंधन तथा विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार एनटीपीसी हाइड्रोजन उत्पादन एवं आपूर्ति अवसंरचना का विकास और संचालन करेगी, ग्रिडको बिजली आपूर्ति और संबंधित सब्सिडी उपलब्ध कराएगी, जबकि क्रुट बस संचालन और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का प्रबंधन करेगा।
वित्तीय एवं परिचालन प्रभावों का भी व्यापक आकलन
बैठक में परियोजना के वित्तीय एवं परिचालन प्रभावों का भी व्यापक आकलन किया गया। क्रुट द्वारा परिचालन व्यय, राजस्व साझेदारी, सुनिश्चित किलोमीटर संचालन और जोखिम वितरण से संबंधित मुद्दों को उठाया गया, जिन पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने माना कि यह परियोजना तकनीकी दृष्टि से एक अग्रणी पहल है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सफलता के लिए संतुलित और व्यावहारिक ढांचे की आवश्यकता होगी।
समन्वय से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा
परियोजना के प्रारंभिक संचालन के लिए भुवनेश्वर-कटक-खुर्दा-पुरी-कोणार्क कॉरिडोर को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया, जिससे परिचालन व्यवहार्यता सुनिश्चित होने के साथ-साथ हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन की उपयोगिता का प्रभावी प्रदर्शन किया जा सके। बैठक में भूमि आवंटन, नियामकीय स्वीकृतियां, वायबिलिटी गैप फंडिंग तथा विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर बल
उषा पाढ़ी ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना ओडिशा को अगली पीढ़ी के स्वच्छ परिवहन समाधानों को अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकती है। उन्होंने एक मजबूत और विस्तार योग्य हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो देशभर में सतत सार्वजनिक परिवहन का मॉडल बन सके।
दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर
उन्होंने सभी संबद्ध एजेंसियों को तकनीकी, वित्तीय और नियामकीय मुद्दों का शीघ्र समाधान करते हुए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शिता, जवाबदेही और दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निगरानी एवं समन्वय तंत्र स्थापित करने पर भी चर्चा
बैठक में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक उपयुक्त निगरानी एवं समन्वय तंत्र स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में क्रुट के प्रबंध निदेशक मोहम्मद सिद्दीक आलम, एनटीपीसी, ग्रिडको, आईपीआईसीओएल तथा आवास एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक भुवनेश्वर स्थित खरबेला भवन के तृतीय तल स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई।
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