आईजी डॉ सत्यजीत नायक ने किया निरीक्षण
भुवनेश्वर। आगामी पवित्र स्नान पूर्णिमा उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डॉ सत्यजीत नायक, आईपीएस ने सोमवार को पुरी में सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्थाओं की व्यापक उच्चस्तरीय समीक्षा की।
पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतिक सिंह, आईपीएस तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आईजी डॉ नायक ने सबसे पहले श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
गौरतलब है कि 29 जून 2026 को स्नान पूर्णिमा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
योजना के तहत मंदिर के विभिन्न प्रवेश एवं निकास द्वारों को सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि पहंडी बीजे और स्नान वेदी पर आयोजित होने वाले महा स्नान अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से संचालित की जा सके। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती, बड़दांड (ग्रैंड रोड) पर विशेष ट्रैफिक कॉरिडोर की व्यवस्था, आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही तथा यातायात संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए श्रीमंदिर के बाहरी परिसर तथा प्रमुख चौराहों पर 24×7 सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से भीड़ की घनत्व पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत में आईजी डॉ सत्यजीत नायक ने कहा कि पुरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक अनुभव प्रदान करना ओडिशा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि स्नान पूर्णिमा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों और व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए वे ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का पूरा सहयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
गौरतलब है कि 29 जून 2026 को स्नान पूर्णिमा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
योजना के तहत मंदिर के विभिन्न प्रवेश एवं निकास द्वारों को सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि पहंडी बीजे और स्नान वेदी पर आयोजित होने वाले महा स्नान अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से संचालित की जा सके। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती, बड़दांड (ग्रैंड रोड) पर विशेष ट्रैफिक कॉरिडोर की व्यवस्था, आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही तथा यातायात संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए श्रीमंदिर के बाहरी परिसर तथा प्रमुख चौराहों पर 24×7 सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से भीड़ की घनत्व पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत में आईजी डॉ सत्यजीत नायक ने कहा कि पुरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक अनुभव प्रदान करना ओडिशा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय में कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि स्नान पूर्णिमा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों और व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए वे ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का पूरा सहयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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