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आंध्र प्रदेश ने गांवों में लगाए सोलर पैनल
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ओडिशा-आंध्र सीमा क्षेत्र में बढ़ी तनातनी
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पुलिस चौकी स्थापित करने का भी आरोप
कोरापुट। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से चल रहा कोटिया सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कोरापुट जिला के विवादित कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा सोलर पावर सिस्टम लगाए जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने शनिवार को अपर सेम्बी गांव में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित किए। इससे पहले गुरुवार को भी उपकरण लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय कोटिया पुलिस ने सामग्री जब्त कर कार्रवाई रोक दी थी।
आंध्र पुलिस की मौजूदगी में लगाए गए सोलर सिस्टम
बताया गया कि आंध्र प्रदेश ग्रामीण सर्किल इंस्पेक्टर पी रामकृष्ण ने हस्तक्षेप कर जब्त सामग्री वापस दिलवाई। इसके बाद इलाके में अस्थायी बैरिकेड लगाकर आंध्र प्रदेश पुलिस की सुरक्षा में छह लाभार्थियों के घरों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए गए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वहां एक पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
बीजद ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता भृगु बक्सीपात्र ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश लगातार कोटिया क्षेत्र में पुलिस चौकियां स्थापित कर और अपनी प्रशासनिक मौजूदगी बढ़ाकर ओडिशा की अधिकारिता को खुली चुनौती दे रहा है, लेकिन ओडिशा सरकार चुप है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब दोनों राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं, तब आंध्र प्रदेश के साथ सार्थक संवाद और केंद्र सरकार के मजबूत हस्तक्षेप में बाधा क्या है। उन्होंने क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करने की बात कही।
स्वास्थ्य शिविर और अन्य गतिविधियों से बढ़ी चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल के दिनों में आंध्र प्रदेश ने कोटिया क्षेत्र में अपनी गतिविधियां और तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा के बीच गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया था। इसके अलावा बुधवार को ओडिशा प्रशासन ने सिम्बी गांव में आंध्र प्रदेश द्वारा निजी एजेंसी के माध्यम से लगाए गए सोलर यूनिट को हटाया था।
ओडिशा सरकार ने भेजी अधिकारियों की टीम
घटना के बाद ओडिशा प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट तपन कुमार नायक ने पुष्टि की कि शनिवार दोपहर राज्य सरकार की एक टीम को कोटिया क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने भेजा गया। वहीं पोट्टांगी तहसीलदार देवेंद्र बहादुर धरुआ ने कहा कि प्रशासन यह जांच करने गया था कि लाभार्थियों को व्यक्तिगत योजना के तहत सोलर पैनल मिले हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी व्यक्तिगत लाभ योजना में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन अब गांव के सभी प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थियों के घरों पर भी सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया गया है।
वर्षों पुराना है कोटिया सीमा विवाद
उल्लेखनीय है कि कोटिया क्षेत्र को लेकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच वर्षों से सीमा विवाद चला आ रहा है। दोनों राज्य इस क्षेत्र के कई गांवों पर अपना दावा करते रहे हैं। समय-समय पर दोनों राज्यों द्वारा विकास योजनाएं, प्रशासनिक गतिविधियां और सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते रहे हैं, जिससे विवाद और संवेदनशील बनता रहा है।
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