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झारसुगुड़ा में सुबह 11:30 बजे पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
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भुवनेश्वर में हीट इंडेक्स 42 डिग्री सेल्सियस
भुवनेश्वर। ओडिशा में भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तटीय इलाकों समेत राजधानी भुवनेश्वर में गर्म और उमस भरे मौसम ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
सुबह 11:30 बजे औद्योगिक शहर झारसुगुड़ा का तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं संबलपुर में पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस और हीराकुद में 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी भुवनेश्वर में इसी समय तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके साथ ही शहर में सापेक्ष आर्द्रता 60 प्रतिशत रही, जिससे लोगों को अत्यधिक उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।
इससे पहले सुबह 5:30 बजे भुवनेश्वर का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जबकि आर्द्रता 88 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार इस कारण हीट इंडेक्स खतरनाक स्तर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अत्यधिक उमस और हो सकती है बेचैनी
भुवनेश्वर में आर्द्रता 88 प्रतिशत तक पहुंचने से लोगों को अत्यधिक उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। अधिक आर्द्रता के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से सूख नहीं पाता, जिससे शरीर का तापमान सामान्य रूप से नियंत्रित नहीं हो पाता।
ऐसी स्थिति में वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है और हीट इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इससे थकान, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
रोगों से पीड़ित लोगों पर अधिक पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक आर्द्रता का असर बुजुर्गों, बच्चों, हृदय और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों पर अधिक पड़ता है। लगातार उमस भरे मौसम में रहने से हीट स्ट्रेस और हीट एक्सॉशन का खतरा भी बढ़ जाता है। रात के समय भी राहत नहीं मिलने से नींद प्रभावित होती है, जिससे लोगों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
लोगों के लिए सलाह जारी
डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने तथा हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। घरों और कार्यस्थलों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने, ओआरएस और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने तथा धूप में लंबे समय तक रहने से बचने को कहा गया है। अत्यधिक गर्मी या चक्कर आने की स्थिति में तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाकर आराम करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
पिछले पांच दिनों से जारी है गर्मी और उमस का प्रकोप
पिछले पांच दिनों से भुवनेश्वर में लगातार उच्च तापमान और उमस दर्ज की जा रही है तथा रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। 22 मई को शहर में सबसे अधिक 44 डिग्री सेल्सियस का हीट इंडेक्स दर्ज किया गया था। उस दिन तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 84 प्रतिशत रही थी। 21 मई को तापमान थोड़ा कम होकर 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन आर्द्रता 90 प्रतिशत पहुंचने से हीट इंडेक्स 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं 19 और 20 मई को तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 86.5 से 88 प्रतिशत के बीच बनी रही।
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