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उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनाया फैसला
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मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग भी ठुकराई
कटक। ओडिशा उच्च न्यायालय ने ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती घोटाले मामले में मुख्य आरोपी मुना मोहंती समेत 17 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
हाईकोर्ट ने जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों और कथित अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालत ने मुख्य आरोपी मुना मोहंती की ओर से सर्जरी के लिए मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग भी खारिज कर दी। कोर्ट ने उसे तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
भर्ती परीक्षा में हेरफेर की साजिश का आरोप
मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार मुना मोहंती, शंकर पृष्टि और सिलिकॉन इंस्टीट्यूट के मालिक सुरेश नायक ने कथित रूप से मिलकर ओडिशा पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के मुताबिक अन्य आरोपी अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को अंजाम देने में शामिल थे।
लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य हुआ प्रभावित
सीबीआई ने अदालत को बताया कि भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और फर्जीवाड़े के कारण ओडिशा पुलिस एसआई परीक्षा को दो बार रद्द करना पड़ा, जिससे लाखों वास्तविक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। एजेंसी ने कहा कि आरोपियों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कमजोर करने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे यह मामला सरकारी भर्ती में जनविश्वास और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बन गया है।
भर्ती घोटाले से पूरे ओडिशा में फैला था आक्रोश
ओडिशा पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा और चयन प्रक्रिया में कथित हेरफेर के आरोप सामने आने के बाद राज्यभर में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। इस मामले ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
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