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विश्व बैंक के साथ हुई रणनीतिक चर्चा
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खनिज प्रसंस्करण, निवेश, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवलपमेंट को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
भुवनेश्वर। ओडिशा की खनिज अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में विश्व बैंक समूह के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में ओडिशा को क्रिटिकल मिनरल्स के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने और मजबूत एवं एकीकृत वैल्यू चेन तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विश्वस्तरीय खनिज प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने, उत्पादन बढ़ाने, नए निवेश आकर्षित करने, लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाने, औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने, कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने तथा अत्याधुनिक तकनीक अपनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार, ओडिशा सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर भविष्य के लिए तैयार और टिकाऊ खनिज पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाए।
बैठक में विकास आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (इस्पात एवं खान) देव रंजन कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) हेमंत शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (आवास एवं शहरी विकास) उषा पाढ़ी, प्रधान सचिव (वित्त) संजीव कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस चर्चा से रणनीतिक साझेदारी का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे न केवल भारत की क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन मजबूत होगी, बल्कि ओडिशा जिम्मेदार और उच्च मूल्य वाले खनिज प्रसंस्करण क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर सकेगा।
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