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कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार घिरी
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भाजपा-बिजद नेताओं ने उठाए तीखे सवाल
भुवनेश्वर। बालियंता में हुई मॉब लिंचिंग की भयावह घटना अब ओडिशा की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई है। भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में युवक की पीट-पीटकर हत्या के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के नेताओं ने भी घटना को गंभीर बताते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
अरुण साहू ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ओडिशा अब अपराध के मामले में “नंबर वन” बनता जा रहा है। उन्होंने हाल के दिनों में हिंजली, कणास, ढेंकानाल और अब बालियंता में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हत्या, दुष्कर्म और अपहरण जैसी वारदातें लगातार बढ़ रही हैं।
अरुण साहू ने बालियंता की घटना को “बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली” बताते हुए कहा कि यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। हर घटना का वीडियो बन रहा है, लेकिन अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है। क्या ओडिशा अब यूपी और बिहार जैसी स्थिति में पहुंच गया है? पुलिस की मौजूदगी में हत्याएं हो रही हैं और मदद मांगने के बाद भी लोगों को मार दिया जा रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। साहू ने कहा कि सरकार चुनावी जीत का जश्न मना रही है, लेकिन अगर राज्य में लोग सुरक्षित नहीं हैं तो उस जीत का क्या मतलब? यदि सरकार लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकती तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
वहीं, प्रदीप पुरोहित ने भी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेकर हत्या करना बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और समाज में भय का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा बताया।
इस बीच, मोहन माझी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मामले में त्वरित कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
नवीन पटनायक का बड़ा हमला
बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक ने बालियंता में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना को “बेहद बर्बर” बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि राजधानी के निकट इस तरह की घटना होना लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भुवनेश्वर के निकट बालियंता में एक युवक को सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर मार डालना अत्यंत बर्बर घटना है। राज्य की राजधानी के पास इतनी जघन्य वारदात होने के बावजूद सरकार की रहस्यमयी चुप्पी लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, इसके बावजूद भीड़ ने युवक की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस की मौजूदगी में ऐसी घटना हो रही है, तो आम लोग अपनी सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करें? आखिर अपराधियों के सामने पुलिस प्रशासन और सरकार इतनी बेबस क्यों दिखाई दे रही है?
नवीन पटनायक ने राज्य सरकार से तुरंत और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि लोगों में कानून के प्रति विश्वास कायम रह सके। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार की घटनाएं प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं।
बालियंता मॉब लिंचिंग के बाद मौजापुर में तनाव
मौजापुर गांव में गुरुवार को हुए बालियंता मॉब लिंचिंग मामले के बाद तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक सौम्य रंजन स्वाईं का शव जैसे ही शुक्रवार दोपहर गांव पहुंचा, सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और मुख्य सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
सौम्य रंजन का शव कैपिटल अस्पातल से उनके पैतृक गांव मौजापुर, जो निआली के निकट स्थित है, लाया गया था। शव पहुंचते ही गांव में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग सड़क पर जमा हो गए तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया। प्रशासन को आशंका थी कि हालात बिगड़ सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
घटनास्थल पहुंची राज्य महिला आयोग की टीम
राज्य महिला आयोग ने बालियंता मॉब लिंचिंग मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है। राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में हुई इस बर्बर घटना को लेकर राज्यभर में बढ़ते आक्रोश और राजनीतिक हलचल के बीच महिला आयोग की उच्चस्तरीय टीम शुक्रवार को घटनास्थल पहुंची और पूरे मामले की जमीनी स्तर पर पड़ताल की।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सोभना मोहंती के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उस स्थान का विस्तृत निरीक्षण किया, जहां भीड़ ने दो युवकों को बेरहमी से पीटा था। आयोग की टीम ने घटनास्थल के हालात का बारीकी से आकलन किया और बाद में पीड़ितों में से एक के घर जाकर परिजनों के बयान भी दर्ज किए।
निरीक्षण के बाद शोभना मोहंती ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला आयोग साक्ष्यों और जमीनी तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच करेगा। जो भी इस हिंसा में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वयं निर्देश दिया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा न जाए और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया ने शुक्रवार को डीसीपी जगमोहन मीणा के साथ बालियंता के भिंगारपुर क्षेत्र का दौरा कर हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद स्थिति का जायजा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण और जांच के दौरान उनके साथ बालियंता थाना पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में डीजीपी वाईबी खुरानिया ने कहा कि कल यहां एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हम जमीनी स्थिति का आकलन करने पहुंचे हैं। कमिश्नरेट पुलिस विस्तृत जांच के बाद एक उदाहरणात्मक कार्रवाई करेगी। अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।
महिला ने सुनाई आपबीती
बालियंता में हुई मॉब लिंचिंग की सनसनीखेज घटना ने पूरे ओडिशा में आक्रोश और बहस छेड़ दी है। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, घटना के केंद्र में रही महिला ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है। महिला के आरोपों ने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
मीडिया से बातचीत में शिकायतकर्ता महिला ने दावा किया कि वह अपनी एक मित्र के साथ अपनी मौसी के घर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे दो युवकों ने उन्हें देखकर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां कीं। महिला के अनुसार, पहले युवकों ने उन पर चिल्लाना शुरू किया और बाद में जानबूझकर अपनी बाइक उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे दोनों महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं।
महिला ने आरोप लगाया कि गिरने के बाद एक युवक ने उसका गला पकड़ लिया और उसके कपड़े फाड़ दिए। उसने कहा कि उन्होंने हमारे साथ बदसलूकी की। हम डर गए और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। हमारी आवाज सुनकर स्थानीय लोग वहां पहुंचे और हमें बचाने की कोशिश की।
महिला ने यह भी कहा कि उसने दोनों युवकों को पहले कभी नहीं देखा था। उसके अनुसार, स्थानीय लोग उनकी सुरक्षा के लिए आगे आए थे। उसने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। महिला ने मुख्यमंत्री से गिरफ्तार ग्रामीणों को रिहा करने की अपील भी की।
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