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बंगाल की खाड़ी में बन सकता है लो-प्रेशर
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11-15 मई के बीच बढ़ सकती हैं गतिविधियां
भुवनेश्वर। मई के दूसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात को लेकर ओडिशा सरकार अलर्ट मोड में है। मौसम मॉडल के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जो आगे चलकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (जीएफएस) के अनुमान के मुताबिक 11 से 15 मई के बीच चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पूर्वानुमान जारी नहीं किया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी-स्थिति बदल सकती है
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है और आने वाले दिनों में ही चक्रवात की दिशा और तीव्रता स्पष्ट हो पाएगी।
हीटवेव से लेकर चक्रवात तक नजर
सरकार एक ओर हीटवेव शेल्टर और राहत उपाय लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। ओडिशा की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए पुजारी ने कहा कि राज्य प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में अक्सर शाम के समय आंधी-तूफान आते हैं, जबकि मई में चक्रवाती गतिविधियों की संभावना बनी रहती है।
राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सतर्क
उन्होंने बताया कि राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार है। सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बाढ़ या चक्रवात जैसी किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए हम पूरी तरह सक्षम हैं।
सरकार हर चेतावनी को गंभीरता से ले रही
पुजारी ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही कुछ एजेंसियों के पूर्वानुमान पूरी तरह विश्वसनीय न हों, फिर भी सरकार हर चेतावनी को गंभीरता से ले रही है और लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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