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सीएम माझी का फोकस-गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और वैश्विक स्तर की शिक्षा
भुवनेश्वर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ओडिशा सरकार ने दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत की, जिसमें राज्य को भारत का “नॉलेज कैपिटल” बनाने का रोडमैप पेश किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए।
शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव का लक्ष्य
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि नई शिक्षा नीति केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान केंद्र बनाने का मिशन है। उन्होंने छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर जोर दिया।
शिक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश
राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए शिक्षा क्षेत्र में 41,273 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इससे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के भविष्य को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जाएगा।
ग्रामीण-शहरी शिक्षा अंतर कम करने की पहल
‘गोदावरिश मिश्र आदर्श विद्यालय’ योजना के तहत 12,000 करोड़ की लागत से 6,794 ग्राम पंचायतों में आधुनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी।
समावेशी शिक्षा पर विशेष ध्यान
सरकार ने उच्च शिक्षा में एसईबीसी छात्रों के लिए 11.25% आरक्षण लागू किया है। साथ ही जनजातीय छात्रों के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि ड्रॉपआउट दर कम हो सके।
ओड़िया भाषा में उच्च शिक्षा को बढ़ावा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से ओडिया भाषा में तकनीकी और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिससे भाषा की बाधाएं कम होंगी।
केंद्रीय मंत्री ने सराहा ओडिशा का योगदान
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत की सराहना करते हुए सरला दास और भीमा भोई के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा आबादी नवाचार के लिए बड़ा अवसर है।
2036 तक नामांकन दर बढ़ाने का लक्ष्य
राज्य का लक्ष्य उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को वर्तमान 23% से बढ़ाकर 2036 तक राष्ट्रीय औसत 29% से अधिक करना है।
नई पहल और ऐप लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान ‘शक्तिश्री’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया और छात्रों के लिए इंटर्नशिप गाइडलाइंस जारी की गईं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
शिक्षा सुधार के लिए सामूहिक प्रयास
उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कार्यशाला को विकसित ओडिशा की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने बताया कि पीएम-उषा योजना के तहत राज्य को 700 करोड़ से अधिक की राशि मिली है और 14 विश्वविद्यालयों में नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं।
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