Home / Odisha / नवीन ने परिसीमन विधेयक पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की

नवीन ने परिसीमन विधेयक पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की

  •     ओडिशा की हिस्सेदारी घटने की आशंका पर जतायी चिंता

  •     48 घंटे में आपात बैठक की अपील

  •     परिसीमन विधेयक को बताया 4.5 करोड़ ओड़ियाओं के साथ “ऐतिहासिक विश्वासघात”

  •     131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026 को विवाद का मुख्य कारण बताया

भुवनेश्वर। बीजद प्रमुख और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर अगले 48 घंटे के भीतर ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास पर चर्चा कर राज्य के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित करने की जरूरत बताई है।

पटनायक ने अपने पत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026 को विवाद का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि यह राज्य के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इस विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है, जिससे ओडिशा की सीटें 21 से बढ़कर 29 हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उसकी हिस्सेदारी 3.9 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत रह जाएगी। इसे उन्होंने लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट बताते हुए “गंभीर अन्याय” करार दिया।

प्रतिनिधित्व को कम करना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत

उन्होंने कहा कि ओडिशा ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में देश में अग्रणी भूमिका निभाई है, ऐसे में उसके प्रतिनिधित्व को कम करना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। पटनायक ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर चुप रहना “ऐतिहासिक विश्वासघात” होगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां कभी माफ नहीं करेंगी।

इतिहास और अस्मिता का दिया हवाला

पटनायक ने मुख्यमंत्री को ओडिशा के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि यह देश का पहला भाषाई आधार पर बना राज्य है, जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 1936 को लंबे संघर्ष के बाद हुई थी। उन्होंने पाइका विद्रोह के नायक बक्सी जगबंधु, स्वतंत्रता सेनानी वीर सुरेंद्र साई, उत्कलमणि गोपबंधु दास और बाल शहीद बाजी राउत के बलिदान का उल्लेख करते हुए राज्य की अस्मिता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की भूमि ओडिशा समानता, भाईचारे और करुणा की भावना का प्रतीक है, जो भारतीय लोकतंत्र की नैतिक नींव है।

सर्वदलीय सहयोग की अपील

बीजद प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उनकी पार्टी राज्य सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित करें कि ओडिशा के राजनीतिक अधिकारों में “0.001 प्रतिशत” की भी कमी न हो।

महिला आरक्षण पर समर्थन बरकरार

पटनायक ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बीजद महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन करेगा। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पंचायत स्तर पर पहले ही 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पटनायक का यह कदम क्षेत्रीय हितों की मजबूती और रचनात्मक विपक्ष की रणनीति का मिश्रण है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या राज्य सरकार 48 घंटे के भीतर विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लेती है, जो आने वाले समय में ओडिशा की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

Share this news

About desk

Check Also

IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

जाजपुर में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़

    दो महिलाओं समेत पांच हिरासत में     मुख्य डाकघर के पास मकान …