तेहरान। ईरान ने अमेरिका-इजराइल पर आरोप लगाया है कि उसके नतान्ज परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक हमले के बावजूद किसी भी तरह के रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं है। यह संयंत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम संवर्धन स्थलों में से एक है और तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। पश्चिम एशिया में करीब तीन हफ्ताें से जारी युद्ध के बीच इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
समाचार एजेंसी अल जजीरा ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (आईएईओ) ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल ने शनिवार सुबह नतान्ज़ परमाणु संयंत्र को निशाना बनाकर हमला किया। एजेंसी के अनुसार, यह हमला मध्य ईरान में स्थित देश के प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में से एक पर किया गया।
आईएईओ ने स्पष्ट किया है कि शाहिद अहमदी रोशन संवर्धन संयंत्र में किसी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव की कोई सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, संयंत्र के आसपास रहने वाली आबादी को भी कोई खतरा नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की कि ईरान ने उसे इस हमले की जानकारी दी है। आईएईए ने कहा कि संयंत्र के बाहर विकिरण स्तर में किसी प्रकार की वृद्धि दर्ज नहीं की गई है और वह स्थिति की जांच कर रही है। आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सैन्य संयम बरतने की अपील दोहराई है ताकि किसी भी परमाणु दुर्घटना से बचा जा सके।
गौरतलब है कि, 28 फरवरी से अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच उनका प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बताया जा रहा है। इससे पहले भी इस संघर्ष के शुरुआती दिनों में नतान्ज़ संयंत्र को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं।
इसी बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की तीव्रता और बढ़ाई जाएगी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
साभार – हिस
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