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कांग्रेस सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका का दावा
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विधायकों को फंसाने की कोशिश, बेंगलुरु में दर्ज कराई एफआईआर
भुवनेश्वर। ओडिशा में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी के विधायकों को 5-5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव देकर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका ने रविवार को आरोप लगाया कि पार्टी के विधायकों को फंसाने के लिए उन्हें भारी रकम की पेशकश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक फिलहाल बेंगलुरु के एक होटल में ठहरे हुए हैं, जहां उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की गई।
चार लोग बेंगलुरु के उसी होटल में ठहरे
उलाका के अनुसार ओडिशा से चार लोग, वीरेंद्र प्रसाद, सुरेश, अजीत साहू और सीमांचल महाकुद, बेंगलुरु पहुंचे और उसी होटल में ठहरे। उन्होंने दावा किया कि नाश्ते के दौरान ये लोग विधायकों के पीछे-पीछे घूमते रहे और लिफ्ट में भी उनके साथ आए, जिससे उनके व्यवहार पर संदेह हुआ। इसके बाद मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई और एफआईआर दर्ज कराई गई।
निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का नाम सामने आया
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने विधायकों को 5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया और धमकी भी दी कि यदि प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया तो ओडिशा में उनका अपहरण कराया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति के फोन से पता चला कि इस पूरे मामले में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का नाम सामने आया है। हालांकि इन आरोपों पर दिलीप राय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस के सभी विधायक साझा उम्मीदवार का समर्थन करेंगे
उलाका ने कहा कि लोकतंत्र में हॉर्स ट्रेडिंग के लिए कोई जगह नहीं है और कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी के साझा उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के आठ वोट बेंगलुरु में सुरक्षित हैं और छह वोट भुवनेश्वर में मौजूद हैं।
भक्त चरण दास चुनाव में पार्टी के एजेंट होंगे – रामचंद्र
इधर कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काडाम ने बताया कि ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास राज्यसभा चुनाव में पार्टी के एजेंट के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने विधायक दशरथी गमांग से भी मतदान प्रक्रिया को लेकर संपर्क किया है और उम्मीद है कि वे पार्टी समर्थित उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
काडाम ने कहा कि राज्य के सभी 14 कांग्रेस विधायक एकजुट हैं और मतदान के दौरान पार्टी के निर्णय का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य से बाहर गए कुछ विधायक समय रहते वापस लौट आएंगे ताकि वे चुनाव में हिस्सा ले सकें।
राज्यसभा चुनाव से पहले इन आरोपों और प्रत्यारोपों ने ओडिशा की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है और सभी की नजर अब आगामी मतदान पर टिकी हुई है।
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