Home / Odisha / सीआईएसएफ के बिना भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना नहीं – अमित शाह

सीआईएसएफ के बिना भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना नहीं – अमित शाह

  •          केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया

  •           वीरता, त्याग और बलिदान की पर्याय सीआईएसएफ आधुनिकता को अपनाकर राष्ट्र की सुरक्षा की ढाल बनी

  •           औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक पहुंचने पहुंची सीआईएसएफ

  •           2047 तक विकसित देश के लक्ष्य में सीआईएसएफ निभा रहा है कैटेलिस्ट की भूमिका

  •           सीआईएसएफ को मोदी सरकार ने ड्रोन सुरक्षा में भी नोडल एजेंसी बनाया

  •           केन्द्रीय गृह मंत्री ने 890 करोड़ की लागत से सीआईएसएफ से जुड़े 3 आवासीय परिसरों, कामरूप, नासिक और सीहोर, का शिलान्यास और 2 आवासीय परिसरों, राजरहाट और दिल्ली, का लोकार्पण किया

भुवनेश्वर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज ओडिशा के मुंडली में सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने आज 890 करोड़ की लागत से सीआईएसएफ से जुड़े 3 आवासीय परिसरों, कामरूप, नासिक और सीहोर, का शिलान्यास और 2 आवासीय परिसरों, राजरहाट और दिल्ली, का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केन्द्रीय गृह सचिव और महानिदेशक, सीआईएसएफ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज 56 वर्ष पूरे कर सीआईएसएफ औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक पहुंची है जो बल के पुरुषार्थ की गाथा है। उन्होंने कहा कि देश, देश के मज़बूत अर्थतंत्र और भारत को दुनिया का सबसे बड़ा अर्थतंत्र बनाने की संकल्पना औद्योगिक विकास के बिना नहीं हो सकती और औद्योगिक विकास को सुरक्षित वातावरण देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक औद्योगिक सुरक्षा बल की जरूरत है। शाह ने कहा कि पिछले 56 साल में सीआईएसएफ ने न सिर्फ अपनी स्थापना के उद्देश्यों को सिद्ध किया है, बल्कि हर प्रकार की चुनौतियों से सीखते हुए समय के साथ अपने आप को बदलने का प्रयास भी किया है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने आधुनिकता को भी अपनाया है और परंपराओं को भी जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने वीरता, त्याग, बलिदान और भारत के समृद्ध इतिहास की परंपरा के साथ एकाग्रता को जोड़कर आधुनिक हथियारों से लैस होकर हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने का जज़्बा दिखाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 महत्वपूर्ण संकल्प देश की जनता के सामने रखे हैं। एक 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनना औऱ हर क्षेत्र में पूरे विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंचना और दूसरा 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सीआईएसएफ एक कैटलिस्ट की भूमिका निभा रही है।

सीआईएसएफ कभी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटी

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ कर्मियों के बलिदान ने हमेशा देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ कभी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटी। उन्होंने कहा कि आज यहां 9 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक, 2 सर्वश्रेष्ठ वाहिनी पदक, अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाले पदक इस बात के साक्षी हैं कि हर क्षेत्र में सीआईएसएफ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार रहती है।

शाह ने कहा कि अब तक 56 साल में वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए 13,693 पदक प्राप्त करने वाली सीआईएसएफ ने एक बल के नाते अपनी दक्षता का परिचय दिया है।

सीआईएसएफ की वार्षिक पत्रिका का भी लोकार्पण

अमित शाह ने कहा कि आज यहां 890 करोड़ की 5 अलग-अलग परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि राजरहाट का आवासीय परिसर और मैदानगढ़ी का आवासीय परिसर पूर्ण हो गया है जो हमारे जवानों और उनके परिजनों को सुविधा देगा। उन्होंने कहा कि आज यहां सीआईएसएफ की वार्षिक पत्रिका का भी लोकार्पण हुआ है।

ड्रोन सुरक्षा में भी सीआईएसएफ को नोडल एजेंसी की भूमिका मिली

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सीआईएसएफ भारत के 70 हवाई अड्डों सहित देश के 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन सुरक्षा में भी सीआईएसएफ को नोडल एजेंसी की भूमिका दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 1 साल में कर्तव्य भवन, सेवा तीर्थ, नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नवी मुंबई हवाई अड्डा, लेंगपुई हवाई अड्डा, जवाहरपुर तापविद्युत परियोजना, भाखड़ा बांध परियोजना, जैसी कई परियोजनाओं की सुरक्षा काम सीआईएसएफ को सौंपा गया है।

सीआईएसएफ निजी औद्योगिक समूहों को भी हाइब्रिड मोड में सुरक्षा देगी

अमित शाह ने कहा कि अब पोर्ट सुरक्षा संभालने के बाद देश की बहुत बड़ी समुद्री सीमा में आने वाले बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ करेगा। उन्होंने कहा कि हमने 4 साल पहले सीआईएसएफ को हाइब्रिड मोड में एक मॉडल विकसित कर निजी औद्योगिक समूहों को भी सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया था जो सर्वाधिक आधुनिक उपकरणों के साथ तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सीआईएसएफ निजी औद्योगिक समूहों को भी हाइब्रिड मोड में सुरक्षा देगी।

विकसित भारत के लिए आंतरिक और बाह्य सुरक्षा जरूरी

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का लक्ष्य पूरे देश का विकास करना और 2047 तक विकसित भारत की रचना करना है और इसके लिए देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय सीमाओं पर और सीमाओं के अंदर अपनी भूमिका निभाने के लिए मुस्तैद है।

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