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लू, सर्पदंश और डूबने से होने वाली मौतें रोकने की व्यापक तैयारी
भुवनेश्वर। आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए ओडिशा सरकार ने लू, सर्पदंश और डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को जानकारी दी कि अगले सप्ताह एक संयुक्त तैयारी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लू और अत्यधिक तापमान की स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
इस प्रस्तावित बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ नगर विकास तथा पंचायत राज विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बढ़ते तापमान के मद्देनज़र तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करना है।
अधिक तापमान वाले इलाकों पर विशेष ध्यान
मंत्री ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को लू प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विस्तृत प्रतिवेदन सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां ऐतिहासिक रूप से अधिक तापमान दर्ज होता रहा है और लू से संबंधित बीमारियां तथा मौतें होती रही हैं। जागरूकता अभियान और क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय जैसे निवारक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
संवेदनशील जलाशयों की होगी पहचान
बैठक में ग्रीष्म और वर्षा ऋतु के दौरान बढ़ने वाली डूबने और सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। प्रशासन को ऐसे जलाशयों और स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां लोग स्नान या मनोरंजन के लिए अधिक संख्या में पहुंचते हैं।
विशेष रूप से उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां चित्र खींचते समय डूबने की घटनाएं हुई हैं। ऐसे संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी पट्टिकाएं लगाने और जनजागरूकता अभियान चलाने जैसे आवश्यक एहतियाती उपाय किए जाएंगे।
जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
सुरेश पुजारी ने कहा कि बैठक में संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर लू से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। साथ ही डूबने, सर्पदंश और आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य सरकार आगामी ग्रीष्म महीनों में जनहानि को न्यूनतम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और समन्वित रणनीति अपनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
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