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अमेरिका से बड़ी रियायत की खबर पर शेयर बाजार उछला, ‘मेड इन इंडिया’ पर टैरिफ घटाकर 18%
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पीएम मोदी–राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के बाद बदले सुर, पुरानी खटास पर लगा विराम
इण्डो एशियन टाइम्स, नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में आई नई गर्मजोशी का असर मंगलवार को सीधे शेयर बाजार पर देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा से निवेशकों में भरोसा लौटा और बाजार में तेजी दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का 1.4 अरब भारतीयों की ओर से आभार जताते हुए कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो इसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचता है।
क्यों आई थी भारत–अमेरिका संबंधों में खटास
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में टैरिफ, आयात शुल्क और बाजार पहुंच को लेकर खटास देखी गई थी। कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क बढ़ने से निर्यात प्रभावित हुआ, वहीं भारत ने भी अपने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। इसका असर द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं की रफ्तार पर पड़ा।
यूरोपीय संघ के साथ बढ़ते रिश्तों से अमेरिका की चिंता
इस बीच भारत के यूरोपीय संघ के साथ तेजी से मजबूत होते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों ने वैश्विक समीकरण बदल दिए। मुक्त व्यापार समझौते, तकनीक, हरित ऊर्जा और रक्षा सहयोग में भारत–यूरोप की नजदीकी अमेरिका के लिए एक अहम संकेत बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यूरोप की ओर बढ़ता झुकाव अमेरिका के लिए चिंताजनक रहा, क्योंकि भारत अब केवल एक साझेदार नहीं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।
अमेरिका का बदला रुख, सहयोग की मजबूरी
इन्हीं बदलते वैश्विक हालात के बीच अमेरिका ने अपने रुख में नरमी दिखाई और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटाने का फैसला लिया। यह कदम न केवल व्यापारिक संतुलन साधने की कोशिश है, बल्कि भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में और मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
वैश्विक शांति पर साझा सोच
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। भारत, शांति के लिए अमेरिका की पहल का समर्थन करता है और दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों से निपट सकते हैं।
निवेश और रोजगार के लिए नया दौर
विशेषज्ञों के अनुसार टैरिफ में कटौती से भारत के निर्यात, निवेश प्रवाह और रोजगार सृजन को बल मिलेगा। इसका सकारात्मक संदेश बाजारों तक पहुंचा, जिससे शेयर बाजार में तेजी देखी गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर भारत–अमेरिका साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निकट सहयोग जारी रखेंगे।
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