नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से टेलीफोन पर बातचीत कर चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इससे पहले शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक हुई।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 4 दिसंबर की दोपहर तक दक्षिण आंध्र प्रदेश और आसपास के उत्तरी तमिलनाडु तटों के पास पहुंच जाएगा। इसके बाद यह दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के लगभग समानांतर उत्तर की ओर बढ़ेगा और 5 दिसंबर की दोपहर के दौरान नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच एक चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिण आंध्र प्रदेश को पार करेगा। इस दौरान हवा की गति 80-90 किमी प्रति घंटे से लेकर 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी को 18 टीमें उपलब्ध कराई हैं और 10 अतिरिक्त टीमों को तैयार रखा है। तटरक्षक बल, सेना और नौसेना की बचाव और राहत टीमों के साथ-साथ जहाजों और विमानों को भी तैयार रखा गया है।
साभार -हिस
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