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नदियों और बैराजों पर हुई रातभर निगरानी
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सोरड़ा बैराज के गेट संचालित कर जल प्रवाह नियंत्रित, वंशधारा और ऋषिकुल्या नदी के तटबंधों पर गश्त तेज
भुवनेश्वर। ओडिशा में डीप डिप्रेशन के प्रभाव से हो रही बारिश को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने राज्यभर में जल संरचनाओं की सुरक्षा और नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर रात में गश्त की जा रही है और अभियंता तथा मैदानी कर्मचारी 24 घंटे सतर्क रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सोरड़ा सेक्शन-1 के सहायक अभियंता ने मैदानी कर्मचारियों के साथ सोरड़ा जलाशय के पद्मा बैराज पर रात में गश्त की। इस दौरान बैराज के गेट संचालित कर आने वाले पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार पानी को जलाशय की ओर मोड़ा गया, ताकि जल प्रवाह का समुचित प्रबंधन किया जा सके।
वंशधारा नदी के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी
गुनुपुर सिंचाई उपखंड के कर्मचारियों ने वंशधारा नदी के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर रातभर गश्त की। इसमें सनानदी पुल, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के गेज स्टेशन, हल्दिया स्लुइस और कटवालगुड़ा गांव के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। हल्दिया स्लुइस के निकट भी लगातार निगरानी की गई, ताकि नदी के जलस्तर और संबंधित जल संरचनाओं की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
ऋषिकुल्या नदी के बाढ़ तटबंधों की सुरक्षा पर जोर
इसी क्रम में ऋषिकुल्या नदी के बाएं बाढ़ तटबंध (एलएफबी) के किनारे भी रात में गश्त की गई। इसका उद्देश्य नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखने के साथ बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जल संसाधन विभाग ने इन मैदानी उपायों के माध्यम से राज्यभर में जल संरचनाओं, बैराजों, स्लुइस और नदी तटबंधों पर चौबीसों घंटे सतर्कता बनाए रखी है। डीप डिप्रेशन के कारण बारिश और नदी के जल प्रवाह में संभावित बदलाव को देखते हुए विभाग के अभियंता और कर्मचारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
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