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ओडिशा में 2.47 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी

  • 50,162 रोजगार का रास्ता साफ

  •  46वीं एचएलसीए बैठक में 27 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी

  •  15 जिलों में होगा निवेश

  •  डेटा सेंटर, एआई और सेमीकंडक्टर से लेकर स्टील, ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और स्वास्थ्य क्षेत्र तक फैला निवेश

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बड़ा विस्तार देते हुए 46वीं हाई लेवल क्लियरेंस अथॉरिटी (एचएलसीए) की बैठक में 2,47,115.70 करोड़ रुपए की 27 प्रमुख निवेश परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वीकृत इन परियोजनाओं से करीब 50,162 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। ये परियोजनाएं राज्य के 15 जिलों में स्थापित की जाएंगी।
स्वीकृत परियोजनाओं में डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील, लैब-ग्रोन डायमंड, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, स्वास्थ्य, रसायन, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
डेटा सेंटर और एआई में सबसे बड़ा निवेश
46वीं एचएलसीए बैठक की सबसे बड़ी विशेषता आईटी, आईटीईएस, डेटा सेंटर और एआई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश है। इस क्षेत्र की चार परियोजनाओं में कुल करीब 1,42,941 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
खुर्दा में हाई डेंसिटी डेटा सेंटर लिमिटेड 1,04,550 करोड़ के निवेश से एकीकृत डेटा सेंटर पार्क स्थापित करेगा। इससे करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसी जिले में एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड 14,257 करोड़ रूपए के निवेश से एआई-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर स्थापित करेगा, जिससे 385 रोजगार संभावित हैं।
पुरी में सेंट्राफोर्ज एआई लिमिटेड 22,634 करोड़ के निवेश से एआई डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करेगा। परियोजना से 2,320 रोजगार की संभावना है। कटक में आरकेडी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड 1,500 करोड़ के निवेश से डेटा सेंटर स्थापित करेगा, जिससे 220 रोजगार संभावित हैं।
बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में ₹54,287 करोड़ का निवेश
बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की चार परियोजनाओं में कुल 54,287.70 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इनमें एनएलसी इंडिया लिमिटेड की दो ताप विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।
देवगढ़ में एनएलसी इंडिया 3,200 मेगावाट का ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करेगा, जिस पर 34,763.51 करोड़ का निवेश होगा और करीब 4,100 रोजगार की संभावना है। अनुगुल में कंपनी 1,080 मेगावाट का ताप विद्युत संयंत्र 11,604.19 करोड़ के निवेश से स्थापित करेगी, जिससे करीब 1,000 रोजगार संभावित हैं।
इसके अलावा रायगड़ा में 600 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना के लिए 4,020 करोड़ और कोरापुट में 750 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना के लिए 3,900 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी गई है।
सुंदरगढ़ में स्टील क्षेत्र को बड़ा विस्तार
सुंदरगढ़ में स्टील और स्टील डाउनस्ट्रीम क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाओं में कुल 14,000 करोड़ का निवेश होगा और करीब 17,000 रोजगार की संभावना है।
रुंगटा माइंस लिमिटेड अपने मौजूदा एकीकृत स्टील संयंत्र का 9,000 करोड़ की लागत से विस्तार करेगा। इससे करीब 12,000 रोजगार संभावित हैं। वहीं शकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड 5,000 करोड़ के निवेश से एकीकृत स्टील संयंत्र के साथ सीमेंट संयंत्र और कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित करेगा। इससे करीब 5,000 रोजगार की संभावना है।
लैब-ग्रोन डायमंड में 10,680 करोड़ का निवेश
ओडिशा में लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग को भी बड़ी मजबूती मिली है। पांच परियोजनाओं में कुल 10,680 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब 8,850 रोजगार पैदा होने की संभावना है।
खुर्दा में धोलकिया लैब ग्रोन डायमंड प्राइवेट लिमिटेड 4,500 करोड़, ग्रीनलैब डायमंड्स एलएलपी 2,500 करोड़, नूवो डायमंड्स एलएलपी 1,080 करोड़ और सुप्रीम ग्रीन डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड 1,000 करोड़ का निवेश करेंगे। गंजाम में नियोऑर्गेनिक डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड 1,600 करोड़ का निवेश करेगा।
सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी उपकरण निर्माण को बढ़ावा
खुर्दा में सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड सिलिकॉन कार्बाइड वेफर और गैलियम नाइट्राइड के निर्माण की इकाई स्थापित करेगा। परियोजना में 2,078 करोड़ का निवेश होगा और 1,200 रोजगार संभावित हैं।
नुआपाड़ा में आरे सोलर प्राइवेट लिमिटेड दो चरणों में 10 गीगावाट-घंटे क्षमता वाला उन्नत एलएफपी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम असेंबली प्लांट स्थापित करेगा। इस परियोजना में 1,050 करोड़ का निवेश और 1,400 रोजगार की संभावना है।
गंजाम में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड 5,000 करोड़ के निवेश से ग्रीन एनर्जी उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करेगा, जबकि कंपनी 2,100 करोड़ की लागत से एकीकृत उन्नत फैब्रिकेशन एवं मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स भी स्थापित करेगी।
ग्रीन हाइड्रोजन से ई-एसएएफ तक निवेश
केंदुझर नहीं, बल्कि केंद्रापड़ा जिले में जिरिबाम सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड 3,000 करोड़ के निवेश से ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, ग्रीन मेथनॉल और इलेक्ट्रो सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल यानी ई-एसएएफ के निर्माण की इकाई स्थापित करेगा। परियोजना से करीब 1,000 रोजगार संभावित हैं।
गंजाम में जहाज निर्माण और उन्नत विनिर्माण
एलएंडटी गंजाम में 1,000 करोड़ के निवेश से शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयर कॉम्प्लेक्स स्थापित करेगा, जिससे करीब 700 रोजगार की संभावना है। इसके अलावा कंपनी का 2,100 करोड़ का उन्नत फैब्रिकेशन एवं मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स भी 1,000 रोजगार पैदा कर सकता है।
खुर्दा में 1,000 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
स्वास्थ्य क्षेत्र में अडानी फाउंडेशन खुर्दा में 1,000 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करेगा। परियोजना में 2,150 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इससे करीब 1,700 रोजगार मिलने की संभावना है।
टाटा स्टील की परियोजना से खनिज-से-धातु श्रृंखला होगी मजबूत
जाजपुर में टाटा स्टील लिमिटेड 3,329 करोड़ के निवेश से 7 एमटीपीए क्षमता की लौह अयस्क ग्राइंडिंग यूनिट और स्लरी पाइपलाइन स्थापित करेगा। परियोजना से करीब 287 रोजगार की संभावना है। इससे कलिंगनगर औद्योगिक क्षेत्र के लिए लौह अयस्क के प्रसंस्करण और परिवहन की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कपड़ा, रसायन और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी निवेश
गंजाम में ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड 1,425 करोड़ से बेसिक केमिकल उत्पाद निर्माण संयंत्र स्थापित करेगा। ढेंकानाल में तालचेर गैसीफायर एंड केमिकल्स एलएलपी 1,750 करोड़ के निवेश से रासायनिक निर्माण इकाई स्थापित करेगा।
कलाहांडी में लियोमैक्स टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड 1,200 करोड़ की लागत से कंपोजिट टेक्सटाइल मिल स्थापित करेगा, जिससे 2,700 रोजगार संभावित हैं। भद्रक में चिरिपाल पॉली फिल्म्स लिमिटेड 1,125 करोड़ से ओएचटी टायर निर्माण इकाई स्थापित करेगा, जिससे करीब 1,500 रोजगार की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा- संतुलित क्षेत्रीय औद्योगिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि 46वीं एचएलसीए में मंजूर निवेश की मात्रा और विविधता ओडिशा में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर से लेकर ग्रीन एनर्जी, उन्नत विनिर्माण, स्टील, स्वास्थ्य और अन्य उभरते क्षेत्रों तक निवेश राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में नए विकास के अवसर पैदा कर रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण रोजगार, भविष्य के अनुरूप बुनियादी ढांचा और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों तक औद्योगिकीकरण का लाभ पहुंचाना भी है। उन्होंने निवेशकों के लिए पारदर्शी, उत्तरदायी और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
15 जिलों में पहुंचेगा निवेश
46वीं एचएलसीए में मंजूर परियोजनाएं अनुगोल, भद्रक, कटक, देवगढ़, ढेंकानाल, गंजाम, जाजपुर, कालाहांडी, केंद्रापड़ा, खुर्दा, कोरापुट, नुआपाड़ा, पुरी, रायगड़ा और सुंदरगढ़ जिलों में स्थापित होंगी।
कुल 2,47,115.70 करोड़ के निवेश और 50,162 संभावित रोजगार के साथ ये परियोजनाएं ओडिशा के पारंपरिक स्टील और ऊर्जा क्षेत्रों के साथ-साथ डेटा सेंटर, एआई, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और उन्नत विनिर्माण जैसे नए क्षेत्रों के विस्तार को दर्शाती हैं। राज्य सरकार ने इसे ‘समृद्ध ओडिशा एट 2036’ और राष्ट्रीय स्तर पर ‘विकसित भारत एट 2047’ की दिशा में औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए टीम ओडिशा की भावना के अनुरूप निवेश विस्तार बताया है।
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