-
समुद्र तट पर लाल झंडे लगाए गए, लाइफगार्ड तैनात
-
23 सितंबर को रेड अलर्ट
पुरी। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से पुरी में रविवार रात से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। रुक-रुककर हल्की बारिश और तेज हवाओं के बीच समुद्र भी अशांत हो गया है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 14.83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और कई स्थानों पर लहरें तटरेखा को पार करती दिखाई दीं।
समुद्र की खराब स्थिति को देखते हुए पुरी जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई हिस्सों में लाल झंडे लगा दिए हैं और समुद्र में स्नान पर रोक लगा दी है। विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं, जो पर्यटकों को पानी में जाने से रोकने के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं।
लाल झंडे के बावजूद समुद्र में जाने पर रोक
पुरी समुद्र तट पर इस समय ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों से समुद्र में नहीं उतरने की अपील की है।
समुद्र तट के अलग-अलग हिस्सों में लाइफगार्ड की तैनाती बढ़ाई गई है। उनका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को समुद्र में जाने से रोकना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बचाव करना है। जिला प्रशासन ने डूबने की शून्य घटना सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है।
23 सितंबर को रेड अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार पुरी में 23 सितंबर को रेड अलर्ट जारी किया गया है। बारिश और तेज हवाओं का असर बुधवार तक बने रहने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण जिले के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। निचले इलाकों के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में फसलों को भी नुकसान की आशंका जताई गई है।
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुरी जिला प्रशासन ने सभी सरकारी कर्मचारियों की 23 सितंबर तक की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने मुख्यालय में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
फायर सर्विस विभाग को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन ने संभावित जलभराव, तेज हवाओं और समुद्र में दुर्घटनाओं को देखते हुए बचाव एवं राहत व्यवस्था को मजबूत किया है।
समुद्र में गए मछुआरे लौटे
खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में गए मछुआरे वापस तट पर लौट आए हैं। मत्स्य विभाग ने मछुआरों को अपनी नौकाओं, जाल और अन्य मछली पकड़ने के उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है।
मछुआरों को 21 से 24 सितंबर तक समुद्र में नहीं जाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने समुद्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस चेतावनी को गंभीरता से पालन करने की अपील की है।
अंडमान सागर से बंगाल की खाड़ी तक बने सिस्टम का असर
पुरी में बिगड़े मौसम का संबंध उत्तर अंडमान सागर और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र से बताया गया है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के तटीय जिलों में बारिश और हवाओं की गतिविधियां बढ़ी हैं।
समुद्र में लगातार ऊंची लहरें उठने और हवाओं की गति बढ़ने के कारण पुरी तट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान समुद्र तट पर पर्यटकों की सुरक्षा, मछुआरों को समुद्र से दूर रखने और संभावित जलभराव एवं अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
