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वैश्विक निवेशकों को खुला न्योता
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ईजीए की अत्याधुनिक तकनीक से लेकर धातु रीसाइक्लिंग और अनुगोल एल्युमिनियम पार्क तक निवेश की संभावनाएं
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ओडीओपी गैलरी में संबलपुरी साड़ी से पट्टचित्र तक को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार का मंच
दुबई/भुवनेश्वर। खनिज संपदा और धातु उद्योग की ताकत से लेकर सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा तक ओडिशा ने दुबई में अपनी अर्थव्यवस्था के दोनों सिरों को एक साथ दुनिया के सामने रखा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक ओर वैश्विक एल्युमिनियम उद्योग की अत्याधुनिक तकनीक और निवेश संभावनाओं को करीब से समझा, तो दूसरी ओर धातु रीसाइक्लिंग और चक्रीय अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए उद्योग जगत को आमंत्रित किया।
इसी वैश्विक निवेश अभियान के बीच एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) गैलरी का उद्घाटन कर ओडिशा के संबलपुरी साड़ी, चांदी की फिलिग्री, डोंगरिया शॉल, पट्टचित्र और ताड़पत्र उत्कीर्णन जैसे विशिष्ट उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने पेश किया गया।
5 एमओयू और 8 इन्वेस्टमेंट इंटेंट
इस दिन 5 एमओयू और 8 इन्वेस्टमेंट इंटेंट पर सहमति बनी, जिनसे कुल 8,417 करोड़ का निवेश और 14,310 लोगों के लिए रोज़गार की संभावना बनी। इन समझौतों में कई सेक्टर शामिल थे, जैसे कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आई-इनेबल्ड सर्विसेज, रीयल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, एग्रो और फूड प्रोसेसिंग, स्टील और स्टील डाउनस्ट्रीम, रेयर अर्थ्स, केमिकल्स, एल्युमीनियम और सर्कुलर इकोनॉमी।
ईजीए की तकनीक पर नजर, नाल्को साझेदारी से एल्युमिनियम को नई उड़ान
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जेबेल अली स्थित एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) की अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा का दौरा किया। उन्होंने वहां एल्युमिनियम उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली उन्नत तकनीक और वैश्विक स्तर की औद्योगिक कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरे के दौरान नाल्को-ईजीए टेक्नोलॉजी लाइसेंस पार्टनर्शिप को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
यह साझेदारी ईजीए की तकनीकी विशेषज्ञता को ओडिशा में नाल्को के मजबूत एल्युमिनियम विनिर्माण आधार से जोड़ती है। इसका उद्देश्य एल्युमिनियम उद्योग के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता विस्तार के साथ कम कार्बन उत्सर्जन वाली उत्पादन तकनीकों को बढ़ावा देना तथा अधिक मूल्य वाले एल्युमिनियम उत्पाद तैयार करना है।
डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम उद्योग में भागीदारी के लिए आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने ईजीए को ओडिशा के तेजी से विकसित हो रहे डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम उद्योग में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान अनुगोल एल्युमिनियम पार्क को निवेश और तकनीकी सहयोग के संभावित केंद्र के रूप में भी सामने रखा गया। इससे ओडिशा में केवल प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादन ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े मूल्यवर्धित उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
कबाड़ से कारोबार तक, रीसाइक्लिंग उद्योग में निवेश का न्योता
दुबई दौरे में मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ मिडिल ईस्ट रीसाइक्लिंग (बीएमआर) एसोसिएशन और जेएसडब्ल्यू ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ उद्योग जगत की बैठक भी की। बातचीत का केंद्र धातु रीसाइक्लिंग, संसाधनों के बेहतर उपयोग, चक्रीय अर्थव्यवस्था और मूल्यवर्धित विनिर्माण रहा।
मुख्यमंत्री ने ओडिशा की मजबूत धातु और विनिर्माण अर्थव्यवस्था को रेखांकित करते हुए निवेशकों से राज्य में धातु रीसाइक्लिंग, सेकेंडरी एल्युमिनियम और स्टील, उन्नत सामग्री पुनर्प्राप्ति तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी तकनीकों में निवेश की संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया।
ओडिशा के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के पास पहले से एल्युमिनियम, स्टील और खनिज आधारित उद्योगों का मजबूत आधार है। ऐसे में रीसाइक्लिंग और संसाधनों के दोबारा उपयोग पर आधारित उद्योग इस मौजूदा औद्योगिक ढांचे को नई दिशा दे सकते हैं। तकनीकी सहयोग और टिकाऊ औद्योगिक प्रक्रियाओं के जरिए राज्य एक ऐसा रीसाइक्लिंग तंत्र विकसित करना चाहता है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो।
संबलपुरी साड़ी से पट्टचित्र तक, विरासत का प्रदर्शन
भारी उद्योग और निवेश की चर्चाओं के बीच ओडिशा ने अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत को भी वैश्विक बाजार से जोड़ने का रास्ता खोला। मुख्यमंत्री ने दुबई में एक जिला एक उत्पाद गैलरी का उद्घाटन किया, जहां राज्य के अलग-अलग जिलों की विशिष्ट पहचान वाले हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
गैलरी में संबलपुर की संबलपुरी साड़ी, कटक की मणिआबंध हथकरघा परंपरा, कटक की चांदी की फिलिग्री, रायगड़ा की डोंगरिया शॉल, केंदुझर की टेराकोटा मूर्तियां, बालेश्वर की काले ग्रेनाइट की मूर्तियां तथा पुरी की पट्टचित्र और ताड़पत्र उत्कीर्णन को स्थान दिया गया।
लोकल से ग्लोबल का संदेश
मुख्यमंत्री ने ओडिशा के पारंपरिक उत्पादों को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाने के लिए बाजार पहुंच, मूल्यवर्धन और अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। ओडीओपी गैलरी के जरिए राज्य की पारंपरिक कला को नए बाजार और नई आर्थिक संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, मुख्य सचिव अनु गर्ग तथा इपिकोल की प्रबंध निदेशक अबोली सुनील नरवणे सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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