-
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सिविकडेटालैब से किया समझौता
भुवनेश्वर। ओडिशा में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक डेटा-आधारित और जोखिम-केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सिविकडेटालैब के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में आपदा, जोखिम और संवेदनशीलता आकलन को मजबूत करने के साथ-साथ आंकड़ा-आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण व्यवस्था को आगे बढ़ाना है।
इस सहयोग के तहत तकनीक, आंकड़ों, नवाचार और वैश्विक विशेषज्ञता का समन्वय कर ओडिशा में विभिन्न आपदाओं से जुड़े जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, आपदा से पहले की तैयारियों को मजबूत करने तथा तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर योजना एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से विश्वसनीय आंकड़ों और जोखिम संबंधी सूचनाओं का बेहतर उपयोग कर संभावित आपदाओं, जोखिम वाले क्षेत्रों तथा संवेदनशील समुदायों की पहचान की जा सकेगी। इससे स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की रणनीतियां तैयार करने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
साझेदारी के तहत आधुनिक तकनीक और आंकड़ा विश्लेषण के माध्यम से आपदा जोखिमों का वैज्ञानिक आकलन करने तथा आपदा-पूर्व तैयारियों को और मजबूत करने के लिए नए उपाय विकसित किए जाएंगे। इससे सरकार को संसाधनों का बेहतर आवंटन करने, संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप करने और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
चक्रवात, बाढ़, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से ओडिशा एक संवेदनशील राज्य रहा है। हालांकि, राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था विकसित की है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सिविकडेटालैब के साथ यह साझेदारी मौजूदा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, आंकड़ा विश्लेषण और वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल कर उसे और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल आपदा आने के बाद केवल राहत और प्रतिक्रिया तक सीमित रहने के बजाय पूर्व तैयारी, रोकथाम और जोखिम-आधारित योजना पर अधिक जोर देने में मदद करेगी। बेहतर जोखिम संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से प्रशासन संभावित आपदाओं के प्रभाव को कम करने और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए समय रहते प्रभावी रणनीति तैयार करने में सक्षम होगा।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विभागीय सचिव डॉ अरविंद पाढ़ी भी उपस्थित थे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
