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राहत और पुनर्बहाली कार्य जारी
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जाजपुर जिले के 62 गांव प्रभावित
भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और राज्य में समग्र स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, प्रतिक्रिया और पुनर्बहाली के कार्य जारी हैं। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठा रही है।
आज की रिपोर्ट के अनुसार, जाजपुर जिले का दशरथपुर ब्लॉक अभी भी प्रभावित है। यहां 19 ग्राम पंचायतों के 62 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए 22 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 8,983 लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अन्य प्रभावित जिलों में स्थिति में सुधार हुआ है, हालांकि प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
संचालित राहत शिविरों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, चिकित्सा सुविधा और भोजन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों सहित संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रभावित परिवारों को जरूरी राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ की इस अवधि के दौरान अब तक 6,426.76 क्विंटल चूड़ा, 648.01 क्विंटल गुड़ और 1,590.71 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच 11,337 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं।
राज्य में कुल 157 रेस्पॉन्स टीमें तैनात
बाढ़ संकट के दौरान राज्य में कुल 157 रेस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया था। इनमें 56 ओड्राफ, 9 एनडीआरएफ और 92 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा दल शामिल थे। इन टीमों ने विभिन्न जिलों में बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत किया। आज भी जाजपुर जिले में 6 ओड्राफ टीमें तैनात हैं।
प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर
31 अगस्त को दोपहर 12 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नराज में महानदी का जलस्तर 23.94 मीटर, अलीपिंगल में देवी नदी का 4.72 मीटर और निमापड़ा में कुशभद्रा नदी का 3.82 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें गिरावट का रुझान देखा गया।
वहीं पानपोष में ब्राह्मणी नदी 174.82 मीटर और जेनापुर में 20.30 मीटर पर थी, जहां जलस्तर में धीमी वृद्धि दर्ज की गई। आनंदपुर में बैतरणी 36.71 मीटर और अखुआपाड़ा में 18.06 मीटर पर रही।
जमशोलाघाट में सुवर्णरेखा 47.94 मीटर पर
इसी तरह एनएच-5 पर बुढ़ाबलंगा नदी 6.24 मीटर, जबकि जमशोलाघाट में सुवर्णरेखा 47.94 मीटर और राजघाट में 8.87 मीटर पर रही। माथानी में जलका नदी का जलस्तर 6.48 मीटर दर्ज किया गया। संबंधित जिला प्रशासन द्वारा नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी के साथ आवश्यक एहतियाती तैयारियां जारी हैं।
स्थिति पर लगातार नजर
मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ समन्वय करते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन को स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, संवेदनशील सड़कों के बंद होने, भूस्खलन तथा कमजोर संरचनाओं और खड़ी फसलों को संभावित नुकसान को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समय पर राहत, बचाव और पुनर्बहाली कार्य सुनिश्चित कर रहा है। राज्य का आपदा प्रतिक्रिया तंत्र किसी भी उभरती स्थिति से निपटने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित समुदायों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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