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880 राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को ठहराया गया, 126 रेस्पॉन्स टीमें बचाव एवं आपात अभियान में तैनात
भुवनेश्वर,ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव, पुनर्बहाली तथा आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति का अभियान जारी है। विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा बाढ़ की स्थिति से बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर, केंद्रापड़ा और सुंदरगढ़ सहित सात जिले प्रभावित हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 76 ब्लॉक, 505 ग्राम पंचायत, 1,703 गांव और 12 शहरी स्थानीय निकाय प्रभावित हुए हैं तथा कुल 13,44,698 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पिछले कुछ दिनों में मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा और क्योंझर में स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है। हालांकि, प्रमुख नदियों का जलस्तर अब घटने की प्रवृत्ति में है और सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
एहतियाती कदम के तहत अब तक 4,87,350 लोगों को सुरक्षित निकालकर 880 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। इन शिविरों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, बिजली, चिकित्सा सुविधा और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जलमग्न एवं संपर्क से कटे गांवों में रेस्पॉन्स टीमें प्रभावित परिवारों के घरों तक पका भोजन और सुरक्षित पेयजल पहुंचा रही हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में मुफ्त रसोई लगातार संचालित की जा रही हैं। अब तक 4,95,833 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार सूखा राशन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है। प्रभावित परिवारों को 4,765 पॉलीथिन शीट/रोल उपलब्ध कराए गए हैं।
बचाव और आपातकालीन अभियानों को मजबूत करने के लिए प्रभावित जिलों में 126 रेस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 32 ODRAF, 8 NDRF, 46 अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा 40 पुलिस/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीमें शामिल हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है।
रेस्पॉन्स टीमों ने अब तक 30,303 लोगों को बचाया, जबकि 55,139 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव दल 492 संपर्कविहीन गांवों तक पहुंच चुके हैं और 124 लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए स्थानांतरित किया गया है। राहत एवं बचाव कार्यों में कुल 210 नावों और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में 93 चिकित्सा सहायता टीमें तैनात की गई हैं और 159 चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। अब तक 11,549 लोगों को चिकित्सा सहायता दी गई है। मातृ स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए 150 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है और 44 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। आवश्यक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम, ORS और IV फ्लूइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक किसी बीमारी के प्रकोप की सूचना नहीं मिली है।
प्रभावित क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। 39 पशु चिकित्सा टीमें/RRT तैनात की गई हैं और 174 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए हैं। अब तक 15,939 पशुओं का उपचार या टीकाकरण किया गया है, जबकि पशुधन की देखभाल के लिए 1,405.2 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है।
विशेष राहत आयुक्त कार्यालय राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के माध्यम से बाढ़ की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है और जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। सरकार का पूरा ध्यान प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने, आवश्यक सेवाओं की बहाली और स्थिति को सामान्य बनाने पर है। सभी संबंधित एजेंसियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
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