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17 अगस्त तक सक्रिय रहेंगे दो निम्न दबाव के क्षेत्र
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उत्तरी ओडिशा और झारखंड के आसपास दो निम्न दबाव का क्षेत्र हुआ सक्रिय
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13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना
भुवनेश्वर। ओडिशा में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे लगे झारखंड के ऊपर दो निम्न दबाव के क्षेत्र सक्रिय हैं, जिनका प्रभाव मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक बना हुआ है। समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के एक स्थान पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि 21 स्थानों पर भारी बारिश हुई। बलांगीर जिले के अगलपुर में सर्वाधिक 13.2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा संबलपुर, बरगढ़, मालकानगिरि, सोनपुर, झारसुगुड़ा, नयागढ़, गजपति, देवगढ़, मयूरभंज, अनुगोल, कंधमाल, जाजपुर, कटक, सुंदरगढ़ और केंदुझर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई।
17 अगस्त तक बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में 17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़ और संबलपुर के लिए पीली चेतावनी जारी की है। तटीय और आंतरिक ओडिशा के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
निचले इलाकों में विशेष सतर्कता
मौसम विशेषज्ञों ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तरी और दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में व्यापक स्तर पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
लगातार सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच संभावित स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए रखने की तैयारी की है।
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