-
कंधमाल के हर गांव तक पहुंचेंगे साधु-संत
-
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, दत्तात्रेय होसबाले तथा पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में उठी मांग: स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती पर पुस्तक का हुआ विमोचन
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में ओडिशा को चर्च मुक्त बनाने का आह्वान किया गया। साथ ही विधर्मियों की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग करते हुए संत समाज से कंधमाल के प्रत्येक गांव तक पहुंचकर धर्म, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संदेश फैलाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में ‘वेदांत केशरी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती : व्यक्ति व कृतित्व’ पुस्तक का विमोचन किया गया। स्वागत भाषण में स्वामी जीवन मुक्तानंद पुरी ने कहा कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के अधूरे सपने को पूरा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुस्तक को राज्य एवं देशभर के सभी पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी उनके विचारों, संघर्ष और सेवा कार्यों से प्रेरणा प्राप्त करेगी।
वक्ताओं ने कहा कि कंधमाल केवल एक जिला नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रयोगशाला है, जिसके अनुभवों का देशभर में अनुसरण किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति से “धर्म के नाम पर एक रुपया और एक घंटा” देने का भी आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं ने कंधमाल के प्रत्येक गांव तक पहुंचकर समाज को संगठित करने तथा स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के आदर्शों और उनके अधूरे संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, स्वामी जीवन मुक्तानंद पुरी, स्वामी प्रेमानंद महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मणानंद सरस्वती स्मृति न्यास के न्यासी मनसुखलाल सेठिया ने किया।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
