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आईएपीटी द्वारा कटक में ‘अन्वेषिका’ प्रयोग प्रदर्शन कार्यशाला आयोजित
भुवनेश्वर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स, आरसी-16 की ओर से कटक में ‘अन्वेषिका’ प्रयोग प्रदर्शन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि कटक सदर के विधायक इंजीनियर प्रकाश चंद्र सेठी ने किया। उन्होंने विकसित ओडिशा के निर्माण में वैज्ञानिकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी और अनुप्रयुक्त विज्ञान की नींव प्रयोगों पर आधारित होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएपीटी (आरसी-16) के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद प्रो श्री मिश्र ने की, जबकि नव-नियुक्त सचिव डॉ गौरिशंकर साहू के संयोजन में यह कार्यशाला आयोजित हुई। उद्घाटन सत्र में शिशु विद्यामंदिर प्रबंधन समिति के सचिव शरत कुमार दास, अध्यक्ष डॉ हृषिकेश आचार्य, आईएपीटी राज्य अध्यक्ष डॉ रिता पाइकराय तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य चित्तरंजन भुक्ता सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान ‘अन्वेषिका’ के अंतर्गत लगभग 50 रचनात्मक भौतिकी प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञ डॉ राजश्री महापात्र ने परावर्तन, अपवर्तन, विकिरण, अनुदैर्ध्य एवं अनुप्रस्थ तरंग, प्रत्यावर्ती तरंग, बल, गति तथा ऊर्जा से संबंधित प्रयोगों के माध्यम से छात्रों को विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशासनिक सेवा अधिकारी इंजीनियर देवदत्त प्रधान ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास देश में नवाचार को बढ़ावा देता है। मुख्य वक्ता के रूप में उत्कल विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ लम्बोदर प्रसाद सिंह ने पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान और प्रयोगात्मक अध्ययन के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, विशिष्ट शिक्षाविद एवं लेखक हरिहर मिश्र ने अपने संबोधन में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव बुद्धिमत्ता दोनों ही रचनात्मकता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के सचिव संजय कुमार पटनायक ने किया, जबकि अध्यक्षता रेवेंसॉ विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर डॉ रिता पाइकराय ने की।
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