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9 जुलाई को खुलेगा हीराकुद बांध का फाटक
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महानदी में छोड़ा जाएगा मानसून का पहला बाढ़ का पानी
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बैतरणी खतरे के निशान से ऊपर,
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भद्रक, जाजपुर और बालेश्वर में बाढ़ का खतरा, प्रशासन सतर्क
भुवनेश्वर/संबलपुर। लगातार एक सप्ताह से हो रही बारिश के बाद ओडिशा की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर 9 जुलाई को हीराकुद बांध के फाटक खोलकर इस मानसून का पहला बाढ़ का पानी महानदी में छोड़ा जाएगा। इस निर्णय के बाद महानदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
वर्तमान में हीराकुद जलाशय का जलस्तर 604 फीट तक पहुंच चुका है। जल संसाधन विभाग के अनुसार जलस्तर 607 फीट पार करते ही बांध के फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा, ताकि जलाशय पर दबाव कम किया जा सके।
राज्य में सक्रिय निम्न दबाव के प्रभाव से पिछले एक सप्ताह के दौरान व्यापक वर्षा हुई है। हालांकि मंगलवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता कम होने की संभावना थी, लेकिन महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अभी भी बारिश जारी रहने की आशंका है। इससे बांध में पानी की आवक और बढ़ सकती है।
बैतरणी नदी खतरे के निशान से ऊपर
बैतरणी नदी का जलस्तर अखुआपाड़ा में खतरे के निशान को पार कर चुका है। इसके चलते भद्रक, जाजपुर और बालेश्वर जिलों में हल्की बाढ़ की आशंका जताई गई है। वहीं महानदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे निचले क्षेत्रों में भी जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बैतरणी की सहायक कानी नदी के तटबंध में दो जगह दरार
जाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक के कांटापड़ा क्षेत्र में बैतरणी की सहायक कानी नदी के तटबंध में दो स्थानों पर दरार पड़ गई है। इनमें एक दरार लगभग 70 फीट चौड़ी है, जबकि दूसरी करीब 50 फीट चौड़ी है, जो पहली दरार से लगभग 150 फीट की दूरी पर बनी है।
दोनों दरारों से बाढ़ का पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों में फैल गया है। इससे मलिकापुर, दुदुराआंता, शुशुआ, मंगलपुर और कनिकापाड़ा सहित कई पंचायतों की कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। निचले इलाकों में भी पानी घुसने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान राज्य के आंतरिक जिलों में प्रतिदिन औसतन 2 से 3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र की तुलना में आंतरिक ओडिशा में अधिक बारिश होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि मंगलवार से निम्न दबाव प्रणाली का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में कुछ समय के लिए वर्षा बढ़ सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
निचले इलाकों में अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
किसानों को निचले खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि बाढ़ का पानी धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई संवेदनशील गांवों में लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने महानदी और बैतरणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अगले 48 से 72 घंटे तक विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सोनपुर में पुल पर डेढ़ फुट पानी, जोखिम उठाकर आवागमन
सोनपुर जिले के बिनिका ब्लॉक की सिंहीजुबा ग्राम पंचायत के अंतर्गत खैरमाल पुल पर लगभग डेढ़ फुट पानी बहने की सूचना है। पुल जलमग्न होने के बावजूद स्थानीय लोग पैदल और दोपहिया वाहनों से जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।
यह पुल खैरमाल और आसपास के कई गांवों को जोड़ने के साथ-साथ बरगढ़ जाने वाले प्रमुख मार्ग का हिस्सा है। इसके जलमग्न होने से दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
राज्य सरकार ने महानदी और बैतरणी नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, नदी और नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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