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इराक से आया एमटी सैनमार हेराल्ड
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पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति रही निर्बाध
भुवनेश्वर। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सुरक्षा चुनौतियों के बीच इराक से लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर चला तेल टैंकर एमटी सैनमार हेराल्ड सुरक्षित रूप से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंच गया।
यात्रा के दौरान जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट कथित गोलीबारी का सामना करना पड़ा, लेकिन चालक दल की सतर्कता और कुशल संचालन के कारण टैंकर बिना किसी नुकसान के अपने गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहा। इस घटनाक्रम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, एमटी सैनमार हेराल्ड इराक के बसरा मीडियम और बसरा हेवी ग्रेड का कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान जब जहाज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तब उसके आसपास गोलीबारी की घटना हुई। क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के कारण जहाज के चालक दल ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और संभावित जोखिम को देखते हुए अपने निर्धारित मार्ग में आवश्यक बदलाव किया।
रिपोर्टों के अनुसार, मार्ग बदलने के बाद जहाज ने सुरक्षित समुद्री रास्ता अपनाया और बिना किसी अतिरिक्त घटना के भारतीय समुद्री सीमा तक पहुंच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गोलीबारी के बावजूद जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और चालक दल का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ।
पारादीप पहुंचते ही शुरू हुई तेल उतारने की प्रक्रिया
ओडिशा पहुंचने के बाद टैंकर ने पारादीप तट से लगभग 22 किलोमीटर दूर समुद्र में लंगर डाला। इसके बाद बंदरगाह की अत्याधुनिक सिंगल प्वाइंट मूरिंग (एसपीएम) प्रणाली के माध्यम से कच्चे तेल की अनलोडिंग शुरू की गई। यह प्रणाली बड़े आकार के तेल टैंकरों से समुद्र में ही सुरक्षित और तेज गति से कच्चा तेल उतारने के लिए विकसित की गई है। यहां से पाइपलाइन के माध्यम से तेल को भंडारण केंद्रों और रिफाइनरी तक पहुंचाया जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस खेप के पहुंचने से देश की रिफाइनरियों को कच्चे तेल की नियमित आपूर्ति जारी रहेगी और ऊर्जा क्षेत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
चालक दल की सूझबूझ की सराहना
बताया गया कि जहाज पर लगभग 22 सदस्यीय चालक दल, जिसमें कप्तान भी शामिल थे, पूरे सफर के दौरान मौजूद था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद चालक दल ने संयम बनाए रखा और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जहाज को सुरक्षित पारादीप तक पहुंचाया।
पारादीप पोर्ट के अधिकारियों ने जहाज के पहुंचने के बाद कप्तान और चालक दल का स्वागत किया तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफल नौवहन के लिए उनका सम्मान किया। हालांकि, घटना को लेकर कप्तान या चालक दल की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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