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टाटा पॉवर की 10 गीगाबाइट क्षमता वाली सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना
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सौर ऊर्जा में ओडिशा की होगी बड़ी छलांग, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
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राज्य में हर साल बढ़ रही है बिजली की मांग
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खपत में 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि
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भुवनेश्वर में बिजली मांग 9 प्रतिशत से अधिक बढ़ी
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रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए मिल रही अतिरिक्त सब्सिडी
भुवनेश्वर। ओडिशा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया आयाम हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में बढ़ती बिजली मांग और सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते रुझान के बीच टाटा पॉवर द्वारा 10 गीगाबाइट क्षमता वाली सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना ने ओडिशा को देश के उभरते सोलर हब के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है। गंजाम जिले से गोपालपुर स्थित टाटा स्पेशल इकोनॉमिक जोन में इस यूनिट को स्थापित करने की टाटा पॉवर की योजना है।
यदि यह परियोजना साकार होती है तो राज्य न केवल सौर ऊर्जा उत्पादन में बल्कि सोलर उपकरण निर्माण के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान बना सकता है।
बिजली की मांग में लगातार वृद्धि
टाटा पॉवर के सूत्रों के अनुसार, ओडिशा में इस वर्ष बिजली की मांग में 5 से 7 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि राजधानी भुवनेश्वर में यह बढ़ोतरी 9 प्रतिशत से अधिक रही है। औद्योगिक विस्तार, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि के कारण ऊर्जा की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। इस बढ़त में औद्योगिक मांग का योगदान 70 फीसदी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है।
एक लाख घरों तक पहुंची सौर ऊर्जा
राज्य में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ी है। अब तक ओडिशा के लगभग एक लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंच चुकी है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
देश में सबसे अधिक सब्सिडी प्रोत्साहन ओडिशा में
राज्य सरकार की प्रोत्साहन कारी नीतियों तथा अतिरिक्त सब्सिडी के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। इससे लोगों के बिजली बिल में कमी आ रही है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से मिली नई गति
सौर ऊर्जा के विस्तार में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ओडिशा उन राज्यों में शामिल है जहां सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए अपेक्षाकृत अधिक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम अपनाना अधिक आसान और किफायती बन गया है।
सरकार और बिजली वितरण कंपनियों के संयुक्त प्रयासों से सोलर कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल बनाई गई है।
सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं पर टाटा पॉवर की नजर
सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए टाटा पॉवर ओडिशा में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी राज्य में सौर उपकरणों के निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है।
ओडिशा में बेहतर बुनियादी ढांचा, उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल और सरकार का सहयोग निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। यही कारण है कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां यहां दीर्घकालिक निवेश के अवसर तलाश रही हैं।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
यदि टाटा पॉवर की सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होती है तो इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और राज्य स्वच्छ ऊर्जा आधारित विनिर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का समाधान
आने वाले वर्षों में बिजली की मांग और तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में सौर ऊर्जा न केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि वर्तमान रफ्तार बनी रही तो ओडिशा जल्द ही देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। बढ़ती बिजली मांग और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बीच ओडिशा का सौर ऊर्जा मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल बनने की ओर अग्रसर है।
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