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ओडिशा की आपत्ति के बावजूद आंध्र अधिकारियों ने किया विशेष मतदाता सत्यापन अभियान
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फटुसिनेरी और फागुनसिनेरी गांवों में घर-घर जाकर जुटाई मतदाताओं की जानकारी
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सीमा विवाद को लेकर बढ़ा तनाव
कोरापुट। कोरापुट जिले के विवादित कोटिया क्षेत्र में एक बार फिर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच तनाव बढ़ गया है। आरोप है कि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने ओडिशा प्रशासन की आपत्तियों के बावजूद बुधवार को कोटिया के फटुसिनेरी और फागुनसिनेरी गांवों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया और घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण एकत्र किया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आंध्र प्रदेश की टीमों ने गांवों में पहुंचकर मतदाता सूची से संबंधित जानकारी जुटाई। ओडिशा प्रशासन ने इस गतिविधि पर कई बार आपत्ति जताई, लेकिन आंध्र प्रदेश के अधिकारी अपना अभियान जारी रखते रहे।
प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर बढ़ा विवाद
कोटिया क्षेत्र को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है। हाल के वर्षों में यह विवाद और अधिक गहरा हुआ है। एक ओर ओडिशा सरकार ने क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेज किया है, वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश पर प्रशासनिक गतिविधियों और मतदाता संबंधी कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप लगते रहे हैं।
हाल ही में ओडिशा ने कोटिया क्षेत्र में जनगणना से संबंधित कार्य शुरू किया था। आरोप है कि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने इन प्रयासों का जवाब देने की कोशिश की, लेकिन पोट्टांगी ब्लॉक प्रशासन ने उनके हस्तक्षेप को रोक दिया। इसके बावजूद आंध्र प्रदेश की टीमें कथित रूप से गुप्त रूप से क्षेत्र का दौरा करती रहीं और अब विशेष मतदाता सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ओडिशा भी चला रहा है मतदाता सूची सत्यापन अभियान
इस बीच, ओडिशा के पोट्टांगी प्रशासन द्वारा भी कोटिया क्षेत्र में मतदाता सूची सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों के लिए मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।
सीमा पर स्थायी चेक गेट बनाने का फैसला
आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बार-बार प्रवेश की घटनाओं को देखते हुए कोरापुट जिला प्रशासन ने सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने सीमा के तीन महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थायी चेक गेट स्थापित करने का फैसला किया है। इन स्थानों की पहचान कर ली गई है और अगले कुछ दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
प्रशासन का मानना है कि इन चेक गेटों के निर्माण से सीमा पार गतिविधियों पर निगरानी रखने और विवादित क्षेत्र में अनधिकृत आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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