-
नीता देवी ने नारी शक्ति की भूमिका पर दिया जोर
भुवनेश्वर। राष्ट्र सेविका समिति, ओडिशा प्रांत द्वारा आयोजित 15 दिवसीय प्रवेश एवं प्रबोध वर्ग का रायगड़ा में समापन हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए समिति की अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख नीता देवी ने कहा कि राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति महिलाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संगठन का उद्देश्य हिंदू महिलाओं को जागृत, संगठित और संस्कारित कर उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, संस्कार, त्याग और सृजन का प्रतीक रही है तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।
नीता देवी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राष्ट्र सेविका समिति का मूल लक्ष्य संस्कारित, चरित्रवान और राष्ट्रभक्त व्यक्तित्वों का निर्माण कर एक सशक्त एवं समरस समाज का निर्माण करना है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार तथा राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापक लक्ष्मीबाई केलकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों संगठनों ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं और समाज की भागीदारी को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
उन्होंने सेविकाओं का आह्वान किया कि वे वर्तमान चुनौतियों का सामना साहस, आत्मविश्वास और संगठन शक्ति के साथ करें तथा सनातन मूल्यों से प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनजातीय महिला एवं शराब विरोधी आंदोलन की प्रमुख नेता सुमनी झोडिया ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में शराब के दुष्प्रभावों को देखते हुए उन्होंने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया, जिसे समाज और प्रशासन का सहयोग मिलने से सफलता मिली। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में ओडिशा के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक सेविकाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उनके बौद्धिक, मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविर में योगाभ्यास, शारीरिक प्रशिक्षण, घोष अभ्यास, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया गया।
सेविकाओं को दण्ड, जेष्ठी, नियुद्ध और मुष्टिका प्रहार जैसी आत्मरक्षा विधाओं का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिदिन आयोजित चर्चाओं और मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से समाज, राष्ट्र और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
समापन कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारिका लतिका पाढ़ी, ओडिशा प्रांत कार्यवाहिका आरती वैशाख, सह-कार्यवाहिका वैजयंती राणा सहित समिति की कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहीं। सभी ने सेविकाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
