भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि बाघिन ‘जिन्नत’ द्वारा सिमिलीपाल टाइगर रिजर्व के अनुकूल वातावरण में चार शावकों को जन्म देना ओडिशा के बाघ संरक्षण प्रयासों के लिए एक बड़ी सफलता है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा कि ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में आज एक गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल राज्य में बाघों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण तथा वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और सुदृढ़ आवास विकसित करने की दिशा में सरकार की दूरदर्शी नीति का भी प्रमाण है। यह सफलता राज्य की प्रभावी संरक्षण रणनीति और वन प्रबंधन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाघिन और उसके शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा विशेष कदम उठाए गए हैं। उनके आवागमन और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वन कर्मियों की निष्ठापूर्ण निगरानी और प्रभावी संरक्षण नीतियों के कारण आज ओडिशा वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने में सफल हुआ है। राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिमिलीपाल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने और राज्य की वन्यजीव संरक्षण योजनाओं को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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