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आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश
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सभी जलस्रोतों का होगा शुद्धीकरण
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कचरा, मलबा और जमा पानी हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
भुवनेश्वर। ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ के बाद संभावित स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पेयजल की शुद्धता और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के कार्यपालक अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया है कि प्रत्येक घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के बाद दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एहतियाती उपायों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सभी पेयजल स्रोतों की सफाई और शुद्धीकरण अनिवार्य
उषा पाढ़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सामुदायिक पेयजल स्रोतों सहित सभी सार्वजनिक जलस्रोतों की पूरी तरह सफाई कराई जाए। इसके बाद उनका उचित तरीके से विसंक्रमण और शुद्धीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाढ़ के पानी से होने वाले संभावित प्रदूषण को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पहले से ही प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। पेयजल की गुणवत्ता और सुरक्षा की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बाढ़ के बाद स्वच्छता व्यवस्था को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में जमा कचरे, मलबे और ठहरे हुए पानी को तत्काल हटाया जाए।
इसके साथ ही सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रभावित इलाकों की व्यापक सफाई कराई जाए, ताकि गंदगी और जलभराव के कारण संक्रमण तथा बीमारियों का खतरा न बढ़े। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सामान्य स्वच्छ वातावरण बहाल करने को कहा गया है।
अधिकारियों को स्वयं करनी होगी निगरानी
उषा पाढ़ी ने सभी संबंधित कार्यपालक अधिकारियों और अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जमीन पर किए जा रहे कार्यों की प्रगति की भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए।
अधिकारियों को सफाई, जलस्रोतों के शुद्धीकरण और अन्य आवश्यक उपायों की तस्वीरों के साथ नियमित प्रगति रिपोर्ट निर्धारित माध्यमों से भेजने को कहा गया है।
जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता नहीं
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दोहराया कि नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। पेयजल की गुणवत्ता, स्वच्छता और साफ-सफाई के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आवास एवं शहरी विकास विभाग ने सभी शहरी स्थानीय निकायों से तत्काल और समन्वित कार्रवाई करने, क्षेत्रीय स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा नागरिकों को आवश्यक पेयजल और स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की है।
बाढ़ के बाद दूषित पेयजल, जलभराव और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों की आशंका को देखते हुए सरकार का यह निर्देश शहरी आबादी के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
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