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अर्णव के बाद भीषण चक्रवात मुरासु बरपाएगा कहर, 3 को लैंडफॉल

  •     लगातार अपनी ताकत बढ़ाते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है यह

  •     ओडिशा में भी होगा असर, भारी बारिश का अलर्ट

  •     नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की संभावना

  •     120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

  •     दक्षिण और तटीय ओडिशा में 1 से 4 नवंबर तक तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

  •     ओडिशा हाई अलर्ट पर, राज्य के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

  •     संभावित चक्रवात को देखते हुए राजस्व मंत्री ने उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ डीप डिप्रेशन अब चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ में बदल गया।

यह चक्रवाती तूफान लगातार अपनी ताकत बढ़ाते हुए आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर की दोपहर तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच इसके तट से टकराने की संभावना है। इस दौरान हवा की निरंतर गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा। 31 अक्टूबर की शाम को यह चेन्नई से लगभग 960 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापट्टनम से 980 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व तथा मछलीपट्टनम से करीब 1,030 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था।

राजस्व मंत्री ने उच्च-स्तरीय समीक्षा की

राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील जिलों में तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, एनडीआरएफ और ओड्राफ की तैनाती करने और बिजली तथा चिकित्सा सेवाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर को इसके चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 2 नवंबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है। इसके बाद 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने का अनुमान है। तट से टकराने के बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।

ओडिशा पर भी दिखेगा चक्रवात का प्रभाव

भले ही चक्रवात मुरासु सीधे ओडिशा के तट से नहीं टकराएगा, लेकिन इसका प्रभाव राज्य के तटीय और दक्षिणी जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 1 से 4 नवंबर तक कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

1 और 2 नवंबर को येलो अलर्ट

इन दो दिनों के दौरान बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, केंदुझर, मयूरभंज, रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ सहित विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

3 और 4 नवंबर को ऑरेंज अलर्ट

चक्रवात के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के दौरान दक्षिण ओडिशा में मौसम का मिजाज अधिक बिगड़ सकता है। रायगड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में 7 से 12 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

इसके अलावा पुरी, खुर्दा, कलाहांडी और नवरंगपुर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र और तटीय समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सख्त सलाह दी है। समुद्र में मौजूद मछुआरों को सुरक्षित लौटने की हिदायत दी गई है।

दक्षिणी ओडिशा के तटीय और संवेदनशील जिलों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने तथा संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण निचले इलाकों में जलभराव तथा सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

चार दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत

चक्रवात मुरासु के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में अगले चार दिनों तक मौसम प्रतिकूल रह सकता है। विशेषकर 3 और 4 नवंबर को दक्षिणी जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

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