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ब्रह्मपुर में जलापूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास
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20 टैंकर तैनात, राहत एवं बहाली कार्य तेज
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1,800 परिवारों को सूखा राशन वितरित
भुवनेश्वर/ब्रह्मपुर। चक्रवात के प्रभाव से प्रभावित गंजाम और गजपति जिले में राहत कार्य जोरों पर चल रहा है। गंजाम के ब्रह्मपुर में सामान्य जलापूर्ति बहाल करने के लिए ओडिशा सरकार ने आपातकालीन प्रयास तेज कर दिए हैं। आवास एवं शहरी विकास (एच एंड यूडी) विभाग के नेतृत्व में जानीविली इंटेक की मरम्मत और पुनर्बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
विभाग की रविवार सुबह 10 बजे की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, शहर में प्रतिदिन 90 मिलियन लीटर पानी की मांग के मुकाबले फिलहाल 70 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसमें सतही जल स्रोत से 64 एमएलडी और 15 उत्पादन कुओं के माध्यम से 6 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में जलापूर्ति के लिए 12 निजी टैंकरों सहित कुल 20 टैंकर तैनात किए गए हैं।
चक्रवात और भारी बारिश से प्रभावित गंजाम जिले में आवास एवं शहरी विकास विभाग की ओर से राहत एवं बहाली कार्य लगातार जारी हैं। अब तक 1,800 परिवारों को सूखा राशन उपलब्ध कराया गया है, जबकि 12 केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 650 लोगों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और अस्थायी आश्रय के लिए जिले में कुल 24 चक्रवात आश्रय स्थल चालू किए गए हैं। 25 अक्टूबर से चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित है, जहां अब तक 333 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। असिका क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था के लिए 20 हजार मोमबत्तियां और माचिस की डिब्बियां भेजी गई हैं। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था बहाल करने और स्वच्छता संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए असिका में 150 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
चक्रवात के बाद पेयजल प्रदूषण की आशंका को देखते हुए जल शोधन संयंत्रों में क्लोरीनेशन की प्रक्रिया तेज की गई है। संयंत्रों में प्री-क्लोरीनेशन 4 पीपीएम और पोस्ट-क्लोरीनेशन 10 पीपीएम पर किया जा रहा है, जबकि वितरण नेटवर्क के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों में 2 पीपीएम क्लोरीनेशन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस बीच, हिंजिलिकट और गोपालपुर में जलापूर्ति सामान्य बनी हुई है।
जानीविली इंटेक की मरम्मत के लिए 120 श्रमिक तैनात
जानीविली इंटेक को बहाल करने के लिए कनेक्टिकट नाला के निकट रेत की बोरियों से अस्थायी अवरोधक बनाया जा रहा है, ताकि पानी के प्रवाह को नियंत्रित कर मरम्मत कार्य किया जा सके।
इसका निर्माण रविवार सुबह 5 बजे शुरू हुआ। कार्य में 120 श्रमिकों, तीन एक्सकेवेटर और दो ट्रैक्टरों को लगाया गया है। अस्थायी अवरोधक के निर्माण के लिए लगभग 20 हजार रेत की बोरियों का उपयोग किया जाएगा। श्रमिकों के लिए बिजली, रोशनी, परिवहन, आवास, भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है, ताकि रात में भी काम जारी रखा जा सके।
जल प्रवाह नियंत्रित होने के बाद जानीविली इंटेक की सफाई, मरम्मत और पुनर्बहाली का काम तत्काल शुरू किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी
पूरे अभियान की निगरानी आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी, नगर प्रशासन निदेशक अरिंदम डाकुआ और वाटको के प्रबंध निदेशक देबब्रत मोहंती कर रहे हैं।
विभाग ने ब्रह्मपुर नगर निगम और अन्य शहरी स्थानीय निकायों को अतिरिक्त प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया है। मैदानी स्तर पर समन्वय के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की गई है। आपातकालीन राहत और पुनर्बहाली कार्यों के लिए शहरी निकायों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के उपयोग की अनुमति भी दी गई है।
नगर प्रशासन निदेशालय स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। सरकार का प्रयास है कि जानीविली इंटेक को जल्द बहाल कर ब्रह्मपुर में सामान्य जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बिजली बहाली का काम तेज
चक्रवात के कारण ओडिशा के प्रभावित जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने युद्धस्तर पर बहाली अभियान चलाया। तेज हवाओं और 500 मिलीमीटर से अधिक बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली के खंभे, तार और वितरण व्यवस्था क्षतिग्रस्त हो गई थी। भारी बारिश, जलभराव और सड़कों पर गिरे पेड़ों के बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों और फील्ड टीमों ने दिन-रात काम कर क्षतिग्रस्त खंभों और तारों को बदला तथा बिजली फीडर और सबस्टेशनों को दोबारा चालू किया।
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