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ट्रस्ट से जुड़े कथित संबंधों पर उठाए सवाल
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाब देने की मांग
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विदेश में संपत्ति और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कथित संबंधों पर मांगी सफाई
भुवनेश्वर। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मंगलवार को बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े कुछ कथित संबंधों को लेकर नए सवाल उठाए और मामले में पारदर्शिता की मांग की।
भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बीजद नेताओं ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री के परिवार से कथित रूप से जुड़े एक ट्रस्ट, विदेश में संपत्ति स्वामित्व और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ व्यक्तियों के साथ संबंधों को लेकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
विकास फाउंडेशन ट्रस्ट को लेकर उठाए गए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान बीजद नेताओं ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी मृदुला प्रधान कथित रूप से विकास फाउंडेशन ट्रस्ट से जुड़ी हुई हैं। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस ट्रस्ट के स्वामित्व में अमेरिका में कोई संपत्ति है।
बीजद ने यह भी दावा किया कि उच्च शिक्षा के दौरान धर्मेंद्र प्रधान की पुत्री अमेरिका में कथित रूप से ट्रस्ट से जुड़ी एक संपत्ति में रही थीं। पार्टी ने उनकी पढ़ाई के दौरान एक स्थानीय अभिभावक (लोकल गार्जियन) की भूमिका को लेकर भी प्रश्न खड़े किए।
पार्टी का कहना है कि परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर देशभर में चल रही चर्चा के बीच इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कथित संबंधों पर भी सवाल
बीजद नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ व्यक्तियों के शिक्षा प्रौद्योगिकी (एडटेक) क्षेत्र में कार्यरत संगठनों के साथ संबंध हो सकते हैं।
पार्टी ने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि ऐसे किसी प्रकार के संबंध मौजूद हैं या नहीं तथा उनका किसी शैक्षणिक परियोजना या परीक्षा संबंधी सेवाओं से कोई जुड़ाव है या नहीं।
हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान बीजद की ओर से इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। फिलहाल ये सभी दावे आरोपों के दायरे में हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
समाचार लिखे जाने तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से बीजद द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। इसके अलावा, प्रेस वार्ता में किए गए दावों का स्वतंत्र सत्यापन भी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
परीक्षा पारदर्शिता को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
नीट पेपर लीक विवाद, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षा सुधारों और जवाबदेही के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओडिशा सहित राष्ट्रीय स्तर पर यह विवाद आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है, क्योंकि विपक्ष जवाब मांग रहा है और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
जांच और आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार
फिलहाल किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी द्वारा इन आरोपों को किसी कथित अनियमितता या गलत कार्य से जोड़ने वाला कोई सार्वजनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी पक्षों की प्रतिक्रियाओं और संभावित जांच संबंधी आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
आरोपों को भाजपा कर चुकी है खारिज
इधर, भाजपा ने सोमवार को ऐसे मीडियों में लगे आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान बताया। राज्य के लोक निर्माण एवं कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावों की तथ्यात्मक जांच में वे पूरी तरह गलत और भ्रामक पाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठित सोशल मीडिया समूह मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से निराधार सूचनाएं फैला रहे हैं। भाजपा ने लोगों से अपील की कि वे बिना सत्यापन के किसी भी जानकारी पर विश्वास न करें और केवल प्रमाणित तथ्यों पर भरोसा करें।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान को नीट पेपर लीक मामले से जोड़ने तथा अमेरिका में कथित संपत्ति और अन्य संबंधों को लेकर किए जा रहे कई दावे जांच में झूठे साबित हुए हैं। पार्टी के अनुसार, वायरल तस्वीर में दिखाई गई महिला मनीषा मंधारे नहीं, बल्कि महाराष्ट्र भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष निवेदिता एकबोटे हैं। वहीं, अमेरिका के मेलरोज स्थित मकान को धर्मेंद्र प्रधान से जोड़ने के दावों का भी कोई प्रमाण नहीं मिला है। भाजपा प्रवक्ता अनिर बिश्वाल ने कहा कि अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के आधार पर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और जनता को ऐसे दुष्प्रचार से सावधान रहना चाहिए।
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