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अगले पांच दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
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12 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी जारी
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पश्चिमी ओडिशा में अब भी गर्मी का असर बरकरार
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दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा
भुवनेश्वर। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय कालबैसाखी (नॉरवेस्टर) के प्रभाव से लोगों को भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिली है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पश्चिमी ओडिशा के अनेक क्षेत्रों में अब भी गर्म और उमस भरे मौसम का प्रभाव बना हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि अगले पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है तथा अगले चार से पांच दिनों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है।
राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद दो दिनों में तापमान फिर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है।
सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और केंदुझर में भारी बारिश व ओलावृष्टि का अनुमान
अगले 24 घंटों के लिए सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, केंदुझर और मयूरभंज जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
सुंदरगढ़ और केंदुझर जिलों में भारी वर्षा के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है, जबकि मयूरभंज में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
नयागढ़ और गंजाम के लिए विशेष चेतावनी
31 मई से 1 जून के बीच नयागढ़ और गंजाम जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए नारंगी चेतावनी जारी की गई है। इसी अवधि में केंदुझर और मयूरभंज में भी तीव्र आंधी-तूफान की आशंका व्यक्त की गई है।
1 से 2 जून के बीच गंजाम जिले में भारी वर्षा और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी, जबकि कंधमाल और गजपति जिलों में भीषण गर्जन-तर्जन के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 मई और 1 जून को उत्तर ओडिशा तट और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र की स्थिति भी अत्यंत खराब रहने की संभावना है।
इसी को देखते हुए मछुआरों को इस अवधि में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी नागरिकों से मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
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