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भुवनेश्वर-कटक समेत कई जिलों में तेज बारिश
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आंधी और बिजली कड़कने से बदला मौसम
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मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए फिर जारी की नारंगी और पीली चेतावनी
भुवनेश्वर। ओडिशा में कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच कालबैसाखी बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने के कारण मौसम अचानक बदल गया, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार शाम भुवनेश्वर और कटक में कालबैसाखी प्रभाव के कारण तेज गरज-चमक के साथ आंधी और भारी बारिश हुई। शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद कई इलाकों में तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और बिजली कड़कने की घटनाएं देखी गईं।
अचानक आए तूफान के कारण कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और कुछ जगहों पर नुकसान की भी खबर है। हालांकि लोगों ने बारिश का स्वागत किया, क्योंकि इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से अस्थायी राहत मिली।
65 किमी प्रति घंटा की गति से बही हवा
सीनियर मौसम विज्ञानी उमाशंकर दास के अनुसार, राज्य की राजधानी में हवा की अधिकतम गति 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। भारी बारिश के कारण विजिबिलिटी 4,000 मीटर से घटकर सिर्फ़ 1,500 मीटर रह गई। इसका असर सिर्फ़ राजधानी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहा। औद्योगिक केंद्र राउरकेला और आस-पास के इलाकों में भी तेज़ हवाएं और बारिश हुई, जबकि जगतसिंहपुर, कालाहांडी और जाजपुर जैसे अन्य ज़िलों में भी हल्की बारिश हुई। कुछ जगहों पर हवा के तेज झोंकों ने बड़े-बड़े पेड़ों को उखाड़ दिया, जिससे ट्रैफ़िक और आम जनजीवन में थोड़ी-बहुत रुकावटें आईं।
भुवनेश्वर में बहुत कम समय में 8 डिग्री पारा लुढ़का
इसी के साथ, तापमान 31 डिग्री से गिरकर 23 डिग्री पर आ गया, जो कि बहुत कम समय में 8 डिग्री की अचानक गिरावट थी। ओडिशा पिछले एक हफ्ते से भीषण लू जैसी स्थितियों से जूझ रहा था। बुधवार को भी 11 जगहों पर पारा 42 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच गया था। संबलपुर 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जगह रहा, उसके बाद टिटिलागढ़ में 43.5 डिग्री, सोनपुर में 43.1 डिग्री, बलांगीर में 43 डिग्री, झारसुगुड़ा में 42.7 डिग्री, बरगढ़ और हीराकुद में 42.5 डिग्री, भवानीपाटना और नुआपड़ा में 42.2 डिग्री, अनुगूल में 42.1 डिग्री और सुंदरगढ़ में 42 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
सुबह भी बना रहा बादलों का असर
गुरुवार सुबह भी भुवनेश्वर समेत कई इलाकों में बादल छाए रहे। तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में इसी तरह की गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
मौसम विभाग की नारंगी और पीली चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों के लिए ताजा मौसम चेतावनी जारी की है। आठ जिलों में मध्यम से तीव्र गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए नारंगी चेतावनी जारी की गई है।
पीली चेतावनी
कम से कम 16 जिलों को पीली चेतावनी के दायरे में रखा गया है, जहां कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बारिश और तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है।
गर्मी से राहत, लेकिन बनी रह सकती है उमस
बारिश के कारण राज्य के तटीय और मध्य क्षेत्रों में दिन के तापमान में कमी आई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
पिछले एक सप्ताह से राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा था और भीषण लू जैसी स्थिति बनी हुई थी।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
अधिकारियों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे गरज-चमक के समय घरों के भीतर रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, बिजली कड़कने की स्थिति में विद्युत उपकरणों का उपयोग बंद कर दें और नियमित रूप से मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।
राज्य में कालबैसाखी गतिविधियां जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।
तूफान के कारण बेंगलुरु-भुवनेश्वर विमान का मार्ग बदला
बेंगलुरु से भुवनेश्वर आ रहे एक विमान में बुधवार को यात्रियों को तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा, जब खराब मौसम के कारण विमान को बीच रास्ते से लखनऊ की ओर मोड़ना पड़ा। जानकारी के अनुसार, घरेलू विमान को भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरना था। लेकिन ओडिशा में कालबैसाखी तूफान के प्रभाव से तेज बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के कारण विमान की लैंडिंग प्रभावित हुई।
सूत्रों के मुताबिक, विमान ने भुवनेश्वर में उतरने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन खराब दृश्यता और तेज हवाओं के चलते अंततः सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को लखनऊ भेजने का निर्णय लिया गया।
मौसम सुधरने के बाद सुरक्षित लौटा विमान
बताया गया कि विमान कुछ समय तक लखनऊ में रुका रहा। बाद में भुवनेश्वर में मौसम सामान्य होने और हवाई यातायात सेवाओं से सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद विमान ने फिर उड़ान भरी और सुरक्षित रूप से भुवनेश्वर हवाईअड्डे पर उतर गया।
अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मार्ग बदलने से यात्रियों में बढ़ी चिंता
अचानक विमान का मार्ग बदलने और लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति रहने से कई यात्रियों में घबराहट देखी गई।
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