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गुजरात निवेश शिखर सम्मेलन के प्रस्तावों को तेजी से लागू करेगा ओडिशा
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मुख्य सचिव अनु गर्ग ने 48,330 करोड़ निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की
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67 हजार से अधिक रोजगार की उम्मीद
भुवनेश्वर। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुजरात में आयोजित ओडिशा निवेशक शिखर सम्मेलन और रोड शो के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द औद्योगिक परियोजनाओं में बदलना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।
5 से 7 मई तक अहमदाबाद, मुंद्रा और वडोदरा में आयोजित तीन दिवसीय निवेशक संपर्क कार्यक्रम के दौरान ओडिशा को 71 परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों का कुल मूल्य 48,330 करोड़ बताया गया है, जिससे 67,838 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इनमें 11,300 करोड़ के 8 समझौता ज्ञापन (एमओयू) और 37,030 करोड़ के 63 निवेश अभिरुचि फॉर्म शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों की मजबूत भागीदारी को राज्य के औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
लोक सेवा भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक
लोक सेवा भवन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) हेमंत शर्मा, वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के प्रधान सचिव, हस्तशिल्प, वस्त्र एवं हथकरघा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव तथा आईपीआईसीओएल और आईडीसीओ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सिंगल विंडो सिस्टम से परियोजनाओं को मिलेगी तेजी
बैठक में परियोजनाओं को शीघ्र लागू करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को समयबद्ध स्वीकृति और हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजनाएं जल्द धरातल पर उतर सकें।
धामरा क्षेत्र में पोर्ट आधारित उद्योगों पर विशेष फोकस
बैठक में धामरा क्षेत्र में पोर्ट आधारित और सहायक उद्योगों के विकास पर विशेष चर्चा हुई। सरकार ने इस रणनीतिक तटीय क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को हर संभव सहायता देने की बात कही।
लैब-ग्रोन डायमंड उद्योग को मिलेगा प्राथमिकता
सरकार ने उभरते हुए लैब-ग्रोन डायमंड सेक्टर को उच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत उपयुक्त भूमि चिन्हित करने और उद्योग स्थापना के लिए फास्ट-ट्रैक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे ओडिशा इस संभावनाशील उद्योग में प्रमुख केंद्र बन सकता है।
“हर वास्तविक निवेश प्रस्ताव को सफल परियोजना बनाएंगे”
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिकीकरण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निवेशकों को व्यवसाय अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए निवेश प्रस्तावों को सफल परियोजनाओं में बदलने का आह्वान किया।
अगले चरण में होगी परियोजना आधारित विस्तृत बैठकें
सरकार आने वाले हफ्तों में परियोजना-विशिष्ट बैठकों और जमीनी स्तर पर समन्वय प्रक्रिया को और तेज करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य गुजरात निवेश शिखर सम्मेलन की सफलता को ओडिशा में ठोस औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में बदलना है।
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